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24 Jun 2016 · 1 min read

गाहे-बगाहे

अनुबंध में बंध कुछ चाहे कुछ अनचाहे
झेलने पड़ते वे सभी गाहे – बगाहे
पग-पग समझोते का ही है नाम ज़िन्दगी
मानव मन उसे दिल से चाहे या न चाहे।
^^^^^^शारदा मदरा^^^^^

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
339 Views
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