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8 Apr 2024 · 1 min read

मुक्तक

क्यूँ कर काम से जी चुराते हैं लोग
क्यूँ कर नित नए बहाने बनाते हैं लोग

क्यूँ कर नहीं करते, अपनी कोशिशों का कारवाँ रोशन
क्यूँ कर खुद को बहलाते हैं लोग

अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

Language: Hindi
1 Like · 89 Views
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