Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Oct 2023 · 1 min read

मुक्तक

मुक्तक
बितानी ज़िंदगी सुख से तो आना फ़न जरूरी है।
दिल-ओ-जाँ से मुहब्बत में ज़रा अनबन जरूरी है।
निभाने हैं अगर रिश्ते हमेशा ध्यान ये रखना,
वफा के साथ थोड़ा मस्त अपनापन जरूरी है।।
डाॅ बिपिन पाण्डेय

1 Like · 1 Comment · 188 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गिफ्ट में क्या दू सोचा उनको,
गिफ्ट में क्या दू सोचा उनको,
Yogendra Chaturwedi
इतना ही बस रूठिए , मना सके जो कोय ।
इतना ही बस रूठिए , मना सके जो कोय ।
Manju sagar
सौंदर्य छटा🙏
सौंदर्य छटा🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
मरने वालों का तो करते है सब ही खयाल
मरने वालों का तो करते है सब ही खयाल
shabina. Naaz
हर खुशी पर फिर से पहरा हो गया।
हर खुशी पर फिर से पहरा हो गया।
सत्य कुमार प्रेमी
मगर अब मैं शब्दों को निगलने लगा हूँ
मगर अब मैं शब्दों को निगलने लगा हूँ
VINOD CHAUHAN
🌹 मैं सो नहीं पाया🌹
🌹 मैं सो नहीं पाया🌹
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
तेरे जागने मे ही तेरा भला है
तेरे जागने मे ही तेरा भला है
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तुम आ जाओ एक बार.....
तुम आ जाओ एक बार.....
पूर्वार्थ
तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूं ये गजल बेदर्द,
तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूं ये गजल बेदर्द,
Sahil Ahmad
23/21.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/21.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
सबको सिर्फ़ चमकना है अंधेरा किसी को नहीं चाहिए।
सबको सिर्फ़ चमकना है अंधेरा किसी को नहीं चाहिए।
Harsh Nagar
जमाना तो डरता है, डराता है।
जमाना तो डरता है, डराता है।
Priya princess panwar
छोटी-छोटी खुशियों से
छोटी-छोटी खुशियों से
Harminder Kaur
"फर्क"
Dr. Kishan tandon kranti
जागेगा अवाम
जागेगा अवाम
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
हम तो फूलो की तरह अपनी आदत से बेबस है.
हम तो फूलो की तरह अपनी आदत से बेबस है.
शेखर सिंह
कैसे अम्बर तक जाओगे
कैसे अम्बर तक जाओगे
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
मेरी जिंदगी में मेरा किरदार बस इतना ही था कि कुछ अच्छा कर सकूँ
मेरी जिंदगी में मेरा किरदार बस इतना ही था कि कुछ अच्छा कर सकूँ
Jitendra kumar
श्री गणेश भगवान की जन्म कथा
श्री गणेश भगवान की जन्म कथा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
*शहर की जिंदगी*
*शहर की जिंदगी*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
जिंदगी का कागज...
जिंदगी का कागज...
Madhuri mahakash
1)“काग़ज़ के कोरे पन्ने चूमती कलम”
1)“काग़ज़ के कोरे पन्ने चूमती कलम”
Sapna Arora
अनिल
अनिल "आदर्श "
अनिल "आदर्श"
*बीमारी सबसे बुरी, तन को करे कबाड़* (कुंडलिया)
*बीमारी सबसे बुरी, तन को करे कबाड़* (कुंडलिया)
Ravi Prakash
■ सेवाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध।
■ सेवाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध।
*Author प्रणय प्रभात*
*सखी री, राखी कौ दिन आयौ!*
*सखी री, राखी कौ दिन आयौ!*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
अनजान राहें अनजान पथिक
अनजान राहें अनजान पथिक
SATPAL CHAUHAN
झूठ
झूठ
Dr. Pradeep Kumar Sharma
शासन अपनी दुर्बलताएँ सदा छिपाता।
शासन अपनी दुर्बलताएँ सदा छिपाता।
महेश चन्द्र त्रिपाठी
Loading...