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21 Aug 2023 · 1 min read

मुक्तक

मुक्तक

हर फल की अपनी ऋतु होती, ऋतु आने पर फलता
हर फल को जीवन देने को, सूरज नित्य निकलता
पानी धूप वायु धरती से, पाता सम्यक पोषण
तब ही कोई बीज नभोन्मुख, अपनी गति से चलता ।

@ महेश चन्द्र त्रिपाठी

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