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1 Mar 2023 · 1 min read

मुक्तक-

मुक्तक-
खाली रहती जेब भले,शौक रहा धनवानों-सा।
रहा छलकता हरदम मैं ,जाम भरे पैमानों-सा।
दुख तो बीवी, बच्चों-सा, साथ हमेशा रहता है,
सुख आता है कभी-कभी,जीवन में मेहमानों-सा।
-डाॅ.बिपिन पाण्डेय

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