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1 Feb 2017 · 1 min read

मुक्तक

तेरे बिना तन्हा मैं रहने लगा हूँ!
दर्द के तूफानों को सहने लगा हूँ!
बदल गयी है इसकदर मेरी जिन्दगी,
अश्क बनकर पलकों से बहने लगा हूँ!

#महादेव_की_कविताऐं'(22)

Language: Hindi
163 Views
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