Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 May 2023 · 1 min read

मुक्तक..🙏🙏

तू ही तो इस जीवन का सच्चा मीत है
तू है तो हर जंग में मेरी जीत है
तेरे बिना मेरा जीवन कुछ भी नहीं
तू ही इस जीवन का गीत-संगीत है।

आपका रूठना भी तो अच्छा लगता है
आपका झूठ भी प्यारा सच्चा लगता है
आपका दर्जा बहुत ऊँचा निगाहों में
आपके सामने यह दिल बच्चा लगता है ।

विशाल बाबू..✍️✍️✍️

Language: Hindi
200 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
परिंदे अपने बच्चों को, मगर उड़ना सिखाते हैं( हिंदी गजल)
परिंदे अपने बच्चों को, मगर उड़ना सिखाते हैं( हिंदी गजल)
Ravi Prakash
अच्छी लगती धर्मगंदी/धर्मगंधी पंक्ति : ’
अच्छी लगती धर्मगंदी/धर्मगंधी पंक्ति : ’
Dr MusafiR BaithA
चलो मान लिया तुम साथ इमरोज़ सा निभाओगे;
चलो मान लिया तुम साथ इमरोज़ सा निभाओगे;
ओसमणी साहू 'ओश'
डोमिन ।
डोमिन ।
Acharya Rama Nand Mandal
स्वयंसिद्धा
स्वयंसिद्धा
ऋचा पाठक पंत
गुजरे हुए लम्हात को का याद किजिए
गुजरे हुए लम्हात को का याद किजिए
VINOD CHAUHAN
गिला,रंजिशे नाराजगी, होश मैं सब रखते है ,
गिला,रंजिशे नाराजगी, होश मैं सब रखते है ,
गुप्तरत्न
लाल और उतरा हुआ आधा मुंह लेकर आए है ,( करवा चौथ विशेष )
लाल और उतरा हुआ आधा मुंह लेकर आए है ,( करवा चौथ विशेष )
ओनिका सेतिया 'अनु '
World Hypertension Day
World Hypertension Day
Tushar Jagawat
वह मुस्कुराते हुए पल मुस्कुराते
वह मुस्कुराते हुए पल मुस्कुराते
goutam shaw
सृजन तेरी कवितायें
सृजन तेरी कवितायें
Satish Srijan
-- ग़दर 2 --
-- ग़दर 2 --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
রাধা মানে ভালোবাসা
রাধা মানে ভালোবাসা
Arghyadeep Chakraborty
"ताले चाबी सा रखो,
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
एक नम्बर सबके फोन में ऐसा होता है
एक नम्बर सबके फोन में ऐसा होता है
Rekha khichi
"सड़क"
Dr. Kishan tandon kranti
हम अभी ज़िंदगी को
हम अभी ज़िंदगी को
Dr fauzia Naseem shad
23/25.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/25.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
संवेदना
संवेदना
Ekta chitrangini
ध्वनि प्रदूषण कर दो अब कम
ध्वनि प्रदूषण कर दो अब कम
Buddha Prakash
हम शिक्षक
हम शिक्षक
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
नमन मंच
नमन मंच
Neeraj Agarwal
हम तो अपनी बात कहेंगें
हम तो अपनी बात कहेंगें
अनिल कुमार निश्छल
ख्वाहिश
ख्वाहिश
Neelam Sharma
POWER
POWER
Satbir Singh Sidhu
जबसे तुमसे लौ लगी, आए जगत न रास।
जबसे तुमसे लौ लगी, आए जगत न रास।
डॉ.सीमा अग्रवाल
■ आज का शेर-
■ आज का शेर-
*प्रणय प्रभात*
इंद्रदेव की बेरुखी
इंद्रदेव की बेरुखी
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
DR अरूण कुमार शास्त्री
DR अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
संस्कारों का चोला जबरजस्ती पहना नहीं जा सकता है यह
संस्कारों का चोला जबरजस्ती पहना नहीं जा सकता है यह
Sonam Puneet Dubey
Loading...