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12 Jul 2016 · 1 min read

मुक्तक :– ग़म का साझेदार बना मुझे …….!!

मुक्तक :– ग़म का साझेदार बना मुझे ……!!

सात जन्म की पट्टेदारी संग तेरे सौ वार लूँ !
गम का साझेदार बना मुझे हर गम मै संघार लूँ !
गर काल तुझे लेने आये मौत खड़ी हो द्वार पे ,
सीना अड़ा के सामने मौत को स्वीकार लूँ !!

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Like · 2 Comments · 400 Views
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