Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Feb 2023 · 1 min read

मिलन

दमक रही माथे की बिंदिया
चमके चन्दा ज्यों लगे गगन।
करके सोलह श्रृंगार कामिनी
मन ही मन में हो‌ रही मगन।

धरती सी वह सहनशक्ति ले
जीवन में खुशियां है भरती।
सबके हित डोले निशि दिन
करुणानिधि दुख को हरती।
प्रियहित करे जतन मृगनयनी
लगी मिलन की मन में लगन।

आशीर्वाद है ‌वह ईश्वर का
जगजननी वह कहलाती है।
चन्दन लेप सदृश मृदु वाणी
मन को वह बहलाती है।
तपते मन को जल के जैसे
पल में दूर हो क्रोध अगन।

मनमोहक सी सूरत अनुपम
श्रृंगार किए सोलह जिसपर।
दमके मुखड़ा चन्दा जैसे
सिन्दूर की लाली है तिसपर।
करके सोलह श्रृंगार कामिनी
मन ही मन में हो‌ रही मगन।

डॉ सरला सिंह स्निग्धा
दिल्ली

Language: Hindi
208 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हमारी आखिरी उम्मीद हम खुद है,
हमारी आखिरी उम्मीद हम खुद है,
शेखर सिंह
संवेदना
संवेदना
Shama Parveen
Learn the things with dedication, so that you can adjust wel
Learn the things with dedication, so that you can adjust wel
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कोई आरज़ू नहीं थी
कोई आरज़ू नहीं थी
Dr fauzia Naseem shad
याचना
याचना
Suryakant Dwivedi
जन्म से मृत्यु तक भारत वर्ष मे संस्कारों का मेला है
जन्म से मृत्यु तक भारत वर्ष मे संस्कारों का मेला है
Satyaveer vaishnav
ईमेल आपके मस्तिष्क की लिंक है और उस मोबाइल की हिस्ट्री आपके
ईमेल आपके मस्तिष्क की लिंक है और उस मोबाइल की हिस्ट्री आपके
Rj Anand Prajapati
दिल सचमुच आनंदी मीर बना।
दिल सचमुच आनंदी मीर बना।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
तुम्हें भुलाने का सामर्थ्य नहीं है मुझमें
तुम्हें भुलाने का सामर्थ्य नहीं है मुझमें
Keshav kishor Kumar
नहीं हूं...
नहीं हूं...
Srishty Bansal
मुकद्दर तेरा मेरा
मुकद्दर तेरा मेरा
VINOD CHAUHAN
*मरण सुनिश्चित सच है सबका, कैसा शोक मनाना (गीत)*
*मरण सुनिश्चित सच है सबका, कैसा शोक मनाना (गीत)*
Ravi Prakash
■ आज की बात
■ आज की बात
*प्रणय प्रभात*
दोहा-सुराज
दोहा-सुराज
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
कभी महफ़िल कभी तन्हा कभी खुशियाँ कभी गम।
कभी महफ़िल कभी तन्हा कभी खुशियाँ कभी गम।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
"फर्क"
Dr. Kishan tandon kranti
'अहसास' आज कहते हैं
'अहसास' आज कहते हैं
Meera Thakur
अपना मन
अपना मन
Harish Chandra Pande
कर्बला में जां देके
कर्बला में जां देके
shabina. Naaz
* काव्य रचना *
* काव्य रचना *
surenderpal vaidya
कोई बिगड़े तो ऐसे, बिगाड़े तो ऐसे! (राजेन्द्र यादव का मूल्यांकन और संस्मरण) / MUSAFIR BAITHA
कोई बिगड़े तो ऐसे, बिगाड़े तो ऐसे! (राजेन्द्र यादव का मूल्यांकन और संस्मरण) / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
नवम दिवस सिद्धिधात्री,सब पर रहो प्रसन्न।
नवम दिवस सिद्धिधात्री,सब पर रहो प्रसन्न।
Neelam Sharma
मेरा तो इश्क है वही, कि उसने ही किया नहीं।
मेरा तो इश्क है वही, कि उसने ही किया नहीं।
सत्य कुमार प्रेमी
2366.पूर्णिका
2366.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
पढ़ते है एहसासों को लफ्जो की जुबानी...
पढ़ते है एहसासों को लफ्जो की जुबानी...
पूर्वार्थ
दिल हमारा तुम्हारा धड़कने लगा।
दिल हमारा तुम्हारा धड़कने लगा।
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
कोशिश मेरी बेकार नहीं जायेगी कभी
कोशिश मेरी बेकार नहीं जायेगी कभी
gurudeenverma198
किसी अंधेरी कोठरी में बैठा वो एक ब्रम्हराक्षस जो जानता है सब
किसी अंधेरी कोठरी में बैठा वो एक ब्रम्हराक्षस जो जानता है सब
Utkarsh Dubey “Kokil”
स्थापित भय अभिशाप
स्थापित भय अभिशाप
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
मैया तेरा लाडला ये हमको सताता है
मैया तेरा लाडला ये हमको सताता है
कृष्णकांत गुर्जर
Loading...