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5 Oct 2023 · 1 min read

महीना ख़त्म यानी अब मुझे तनख़्वाह मिलनी है

महीना ख़त्म यानी अब मुझे तनख़्वाह मिलनी है
ज़रूरत और ख़्वाहिश आज फिर आपस में झगड़ेंगे

जॉनी अहमद क़ैस

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