Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Jun 2023 · 1 min read

मशक-पाद की फटी बिवाई में गयन्द कब सोता है ?

मशक-पाद की फटी बिवाई में गयन्द कब सोता है ?
चींटी के बिल में प्रवेश कर ऊंट भला कब खोता है ?
धीर पुरुष गरिमा से गिरकर कोई काम नहीं करता ,
गर्जन ही करता पीड़ा में, कभी मृगेन्द्र न रोता है ।।

महेश चन्द्र त्रिपाठी

2 Likes · 207 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महेश चन्द्र त्रिपाठी
View all
You may also like:
कहानी ( एक प्यार ऐसा भी )
कहानी ( एक प्यार ऐसा भी )
श्याम सिंह बिष्ट
#आज_का_मुक्तक
#आज_का_मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
प्रेम
प्रेम
बिमल तिवारी “आत्मबोध”
भूल गई
भूल गई
Pratibha Pandey
भारत का अतीत
भारत का अतीत
Anup kanheri
*भाषा संयत ही रहे, चाहे जो हों भाव (कुंडलिया)*
*भाषा संयत ही रहे, चाहे जो हों भाव (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
तुम हारिये ना हिम्मत
तुम हारिये ना हिम्मत
gurudeenverma198
श्रम साधिका
श्रम साधिका
पंकज पाण्डेय सावर्ण्य
*बाल गीत (मेरा सहपाठी )*
*बाल गीत (मेरा सहपाठी )*
Rituraj shivem verma
रंग लहू का सिर्फ़ लाल होता है - ये सिर्फ किस्से हैं
रंग लहू का सिर्फ़ लाल होता है - ये सिर्फ किस्से हैं
Atul "Krishn"
Exam Stress
Exam Stress
Tushar Jagawat
" तुम्हारे इंतज़ार में हूँ "
Aarti sirsat
धारण कर सत् कोयल के गुण
धारण कर सत् कोयल के गुण
Pt. Brajesh Kumar Nayak
संबंधों के नाम बता दूँ
संबंधों के नाम बता दूँ
Suryakant Dwivedi
उदासी से भरे हैं दिन, कटें करवट बदल रातें।
उदासी से भरे हैं दिन, कटें करवट बदल रातें।
डॉ.सीमा अग्रवाल
व्यवहार अपना
व्यवहार अपना
Ranjeet kumar patre
बुढ़िया काकी बन गई है स्टार
बुढ़िया काकी बन गई है स्टार
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
ऐ जिन्दगी मैने तुम्हारा
ऐ जिन्दगी मैने तुम्हारा
पूर्वार्थ
मार गई मंहगाई कैसे होगी पढ़ाई🙏✍️🙏
मार गई मंहगाई कैसे होगी पढ़ाई🙏✍️🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
सारे जग को मानवता का पाठ पढ़ा कर चले गए...
सारे जग को मानवता का पाठ पढ़ा कर चले गए...
Sunil Suman
मैं सत्य सनातन का साक्षी
मैं सत्य सनातन का साक्षी
Mohan Pandey
गरीबी और लाचारी
गरीबी और लाचारी
Mukesh Kumar Sonkar
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
भैतिक सुखों का आनन्द लीजिए,
भैतिक सुखों का आनन्द लीजिए,
Satish Srijan
व्यथा दिल की
व्यथा दिल की
Devesh Bharadwaj
*देना इतना आसान नहीं है*
*देना इतना आसान नहीं है*
Seema Verma
2246.🌹इंसान हूँ इंसानियत की बात करता हूँ 🌹
2246.🌹इंसान हूँ इंसानियत की बात करता हूँ 🌹
Dr.Khedu Bharti
आज हमने उनके ऊपर कुछ लिखने की कोशिश की,
आज हमने उनके ऊपर कुछ लिखने की कोशिश की,
Vishal babu (vishu)
*चुनाव से पहले नेता जी बातों में तार गए*
*चुनाव से पहले नेता जी बातों में तार गए*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
पिताजी का आशीर्वाद है।
पिताजी का आशीर्वाद है।
Kuldeep mishra (KD)
Loading...