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18 May 2024 · 1 min read

बुंदेली दोहा

बुंदेली दोहा- किवरिया / किवरियाँ

सबइँ किवरियाँ बंदकर,सोता है इंसान।
‘राना’ भय के भूत से,राबै जग हैरान।।

एक किवरिया प्रेम की ,दैबे हवा पिछोर।
सजनी काबै शाम खौं,लगबै #राना भोर।।

धना कात #राना सुनौ,जड़ौ किवरियाँ आज।
आगी बरसे बायरै ,घरै नुकाऔ नाज ।।
🤭🤗*🤗*🤗*🤗*

✍️ राजीव नामदेव”राना लिधौरी”
संपादक “आकांक्षा” पत्रिका
संपादक- ‘अनुश्रुति’ त्रैमासिक बुंदेली ई पत्रिका
जिलाध्यक्ष म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (मप्र)-472001
मोबाइल- 9893520965
Email – ranalidhori@gmail.com

2 Likes · 1 Comment · 35 Views
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