Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Mar 2023 · 1 min read

बागों में जीवन खड़ा, ले हाथों में फूल।

बागों में जीवन खड़ा, ले हाथों में फूल।
पूरी उम्र गुजार दी, करते करते भूल
उड़ा दिये सारे सफे, सत्य झूठ के राज़
एक सनद मानी गई,इस सन हाई स्कूल।।

सूर्यकांत

280 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
क्या बोलूं
क्या बोलूं
Dr.Priya Soni Khare
सच समाज में प्रवासी है
सच समाज में प्रवासी है
Dr MusafiR BaithA
होली आई रे
होली आई रे
Mukesh Kumar Sonkar
*स्वर्ग लोक से चलकर गंगा, भारत-भू पर आई (गीत)*
*स्वर्ग लोक से चलकर गंगा, भारत-भू पर आई (गीत)*
Ravi Prakash
ये
ये "इंडियन प्रीमियर लीग" है
*Author प्रणय प्रभात*
मिलेंगे इक रोज तसल्ली से हम दोनों
मिलेंगे इक रोज तसल्ली से हम दोनों
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
अंतराष्टीय मजदूर दिवस
अंतराष्टीय मजदूर दिवस
Ram Krishan Rastogi
*****गणेश आये*****
*****गणेश आये*****
Kavita Chouhan
कुछ ऐसे भी लोग कमाए हैं मैंने ,
कुछ ऐसे भी लोग कमाए हैं मैंने ,
Ashish Morya
"" *माँ के चरणों में स्वर्ग* ""
सुनीलानंद महंत
कौन यहाँ खुश रहता सबकी एक कहानी।
कौन यहाँ खुश रहता सबकी एक कहानी।
Mahendra Narayan
कोई शुहरत का मेरी है, कोई धन का वारिस
कोई शुहरत का मेरी है, कोई धन का वारिस
Sarfaraz Ahmed Aasee
तेरी वापसी के सवाल पर, ख़ामोशी भी खामोश हो जाती है।
तेरी वापसी के सवाल पर, ख़ामोशी भी खामोश हो जाती है।
Manisha Manjari
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
कलाकृति बनाम अश्लीलता।
कलाकृति बनाम अश्लीलता।
Acharya Rama Nand Mandal
प्रकृति - विकास (कविता) 11.06 .19 kaweeshwar
प्रकृति - विकास (कविता) 11.06 .19 kaweeshwar
jayanth kaweeshwar
शीर्षक - चाय
शीर्षक - चाय
Neeraj Agarwal
पाहन भी भगवान
पाहन भी भगवान
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
*कुछ कहा न जाए*
*कुछ कहा न जाए*
Shashi kala vyas
पलटे नहीं थे हमने
पलटे नहीं थे हमने
Dr fauzia Naseem shad
मैं तो महज इत्तिफ़ाक़ हूँ
मैं तो महज इत्तिफ़ाक़ हूँ
VINOD CHAUHAN
जो होता है सही  होता  है
जो होता है सही होता है
Anil Mishra Prahari
सुन्दरता और आईना
सुन्दरता और आईना
Dr. Kishan tandon kranti
जब भी आपसे कोई व्यक्ति खफ़ा होता है तो इसका मतलब यह नहीं है
जब भी आपसे कोई व्यक्ति खफ़ा होता है तो इसका मतलब यह नहीं है
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
!! एक चिरईया‌ !!
!! एक चिरईया‌ !!
Chunnu Lal Gupta
आशा
आशा
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
खूबसूरती
खूबसूरती
Ritu Asooja
बेचारी माँ
बेचारी माँ
Shaily
प्रशांत सोलंकी
प्रशांत सोलंकी
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
बिन चाहे गले का हार क्यों बनना
बिन चाहे गले का हार क्यों बनना
Keshav kishor Kumar
Loading...