Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Jan 2024 · 1 min read

बहुत कुछ पढ़ लिया तो क्या ऋचाएं पढ़ के देखो।

गज़ल

1222/1222/1222/122
बहुत कुछ पढ़ लिया तो क्या ऋचाएं पढ़ के देखो।
जो हाथों में हैं किस्मत की लकीरें पढ़ के देखो।1

निरंतर खोज में रहतीं न जाने खोजतीं क्या,
बहुत मिल जाएंगी तुमको वो नज़रें पढ़ के देखो।2

बहुत आशां नहीं है जान पाना दीन- ओं- दुनियां,
बड़ी मुश्किल से छपतीं हैं वो खबरें पढ़ के देखो।3

ये ग़ज़लें और ये श़ेर-ओ-सुखन की महफ़िले जो,
ये रुक्नर्कान मतला मक्ता बहरें पढ़ के देखो।4

नहीं ”प्रेमी” करेगा प्यार कोई देख लेना,
अगर चे पढ़ सको तो मां की आंखें पढ़ के देखो।5

………✍️ सत्य कुमार प्रेमी

Language: Hindi
123 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बदली-बदली सी तश्वीरें...
बदली-बदली सी तश्वीरें...
Dr Rajendra Singh kavi
"" *भारत माता* ""
सुनीलानंद महंत
বড় অদ্ভুত এই শহরের ভীর,
বড় অদ্ভুত এই শহরের ভীর,
Sakhawat Jisan
*दिल कहता है*
*दिल कहता है*
Kavita Chouhan
मेरे भोले भण्डारी
मेरे भोले भण्डारी
Dr. Upasana Pandey
समझदारी शांति से झलकती हैं, और बेवकूफ़ी अशांति से !!
समझदारी शांति से झलकती हैं, और बेवकूफ़ी अशांति से !!
Lokesh Sharma
मन की गांठ
मन की गांठ
Sangeeta Beniwal
झील किनारे
झील किनारे
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
।। समीक्षा ।।
।। समीक्षा ।।
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
"पूछो जरा"
Dr. Kishan tandon kranti
कुछ लोग बड़े बदतमीज होते हैं,,,
कुछ लोग बड़े बदतमीज होते हैं,,,
विमला महरिया मौज
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
" तुम से नज़र मिलीं "
Aarti sirsat
पाषाण जज्बातों से मेरी, मोहब्बत जता रहे हो तुम।
पाषाण जज्बातों से मेरी, मोहब्बत जता रहे हो तुम।
Manisha Manjari
सुबह होने को है साहब - सोने का टाइम हो रहा है
सुबह होने को है साहब - सोने का टाइम हो रहा है
Atul "Krishn"
जय हो माई।
जय हो माई।
Rj Anand Prajapati
**** बातें दिल की ****
**** बातें दिल की ****
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
दोस्त का प्यार जैसे माँ की ममता
दोस्त का प्यार जैसे माँ की ममता
प्रदीप कुमार गुप्ता
*पत्रिका समीक्षा*
*पत्रिका समीक्षा*
Ravi Prakash
गुजरा कल हर पल करे,
गुजरा कल हर पल करे,
sushil sarna
मिट्टी का बस एक दिया हूँ
मिट्टी का बस एक दिया हूँ
Chunnu Lal Gupta
छन्द- सम वर्णिक छन्द
छन्द- सम वर्णिक छन्द " कीर्ति "
rekha mohan
दरअसल बिहार की तमाम ट्रेनें पलायन एक्सप्रेस हैं। यह ट्रेनों
दरअसल बिहार की तमाम ट्रेनें पलायन एक्सप्रेस हैं। यह ट्रेनों
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
मेरे भईया
मेरे भईया
Dr fauzia Naseem shad
डॉ अरूण कुमार शास्त्री - एक अबोध बालक 😚🤨
डॉ अरूण कुमार शास्त्री - एक अबोध बालक 😚🤨
DR ARUN KUMAR SHASTRI
#लघुकथा
#लघुकथा
*प्रणय प्रभात*
संवेदनशील होना किसी भी व्यक्ति के जीवन का महान गुण है।
संवेदनशील होना किसी भी व्यक्ति के जीवन का महान गुण है।
Mohan Pandey
माँ
माँ
Dr. Pradeep Kumar Sharma
संवादरहित मित्रता, मूक समाज और व्यथा पीड़ित नारी में परिवर्तन
संवादरहित मित्रता, मूक समाज और व्यथा पीड़ित नारी में परिवर्तन
DrLakshman Jha Parimal
नवरात्रि के सातवें दिन दुर्गाजी की सातवीं शक्ति देवी कालरात्
नवरात्रि के सातवें दिन दुर्गाजी की सातवीं शक्ति देवी कालरात्
Shashi kala vyas
Loading...