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18 Nov 2023 · 1 min read

बहुत कुछ अरमान थे दिल में हमारे ।

बहुत कुछ अरमान थे दिल में हमारे ।
तुमने पूरे होने नही दिए।।
खो चुके थे तुम हमे “दिल”तोड़कर।
फिर भी हमने तुम्हे सोने नही दिए ।।
कवि _ राजेश व्यास “अनुनय”

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