Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jan 2017 · 1 min read

फोन का प्रभाव

आज कल व्यक्ति सोशल साइट्स और सेल्फ़ी के इतने आदि हो चुके है कि अधिकतर समय फ़ोन में ही लगे रहते है।और दिन भर मैसज और फोटो डालते रहते है।आज लोग कहीं भी जाएं अपने फ़ोन में ही लगे रहते है।आपस में अगर बैठे है तो भी उस माहौल का मजा और आनंद लेने की बजाय अपने अपने फ़ोन में ही लगे रहते है।और अगर कहीं व्यक्ति घूमने के लिए भी जाते है तो सेल्फ़ी लेने के चक्कर में उस उस प्रकृति की पूरा आनंद नही ले पाते है।
आने वाले समय में ये समस्या और भी भयंकर होती जायगी। आज कल व्यक्ति की यह आदत हो गई है कि अपने पास बैठे लोगों से उतना बात नहीं करते
जितना की सोशल साइट्स के जरिये करते है।।
आज व्यक्ति अपने रिश्तों को लगभग खोता ही जा
रहा है।
पहले जब सभी दोस्त एक साथ  बैठते थे तो तो कितना मज़ा आता था,सभी मिलकर बातचीत करते थे।लेकिन आज अधिकतर लोग अपने फ़ोन में ही लगे रहते है।
इसलिए जो व्यक्ति हमारे पास है हमें उनसे ही बात करनी चाहिए।

नाम-ममता रानी,राधानगर(बाँका)

Language: Hindi
Tag: लेख
2 Likes · 1 Comment · 689 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Mamta Rani
View all
You may also like:
बिहार के मूर्द्धन्य द्विज लेखकों के विभाजित साहित्य सरोकार
बिहार के मूर्द्धन्य द्विज लेखकों के विभाजित साहित्य सरोकार
Dr MusafiR BaithA
जीने की राह
जीने की राह
Madhavi Srivastava
नैन फिर बादल हुए हैं
नैन फिर बादल हुए हैं
Ashok deep
" तार हूं मैं "
Dr Meenu Poonia
उठाना होगा यमुना के उद्धार का बीड़ा
उठाना होगा यमुना के उद्धार का बीड़ा
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
केवल भाग्य के भरोसे रह कर कर्म छोड़ देना बुद्धिमानी नहीं है।
केवल भाग्य के भरोसे रह कर कर्म छोड़ देना बुद्धिमानी नहीं है।
Paras Nath Jha
मां कुष्मांडा
मां कुष्मांडा
Mukesh Kumar Sonkar
रूप से कह दो की देखें दूसरों का घर,
रूप से कह दो की देखें दूसरों का घर,
पूर्वार्थ
पुस्तक समीक्षा -राना लिधौरी गौरव ग्रंथ
पुस्तक समीक्षा -राना लिधौरी गौरव ग्रंथ
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
हकीकत पर एक नजर
हकीकत पर एक नजर
पूनम झा 'प्रथमा'
Bikhari yado ke panno ki
Bikhari yado ke panno ki
Sakshi Tripathi
जवानी
जवानी
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
You have climbed too hard to go back to the heights. Never g
You have climbed too hard to go back to the heights. Never g
Manisha Manjari
सन् 19, 20, 21
सन् 19, 20, 21
Sandeep Pande
💐प्रेम कौतुक-343💐
💐प्रेम कौतुक-343💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
3202.*पूर्णिका*
3202.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
काश तुम्हारी तस्वीर भी हमसे बातें करती
काश तुम्हारी तस्वीर भी हमसे बातें करती
Dushyant Kumar Patel
इश्क खुदा का घर
इश्क खुदा का घर
Surinder blackpen
*चाहता दो वक्त रोटी ,बैठ घर पर खा सकूँ 【हिंदी गजल/ गीतिका】*
*चाहता दो वक्त रोटी ,बैठ घर पर खा सकूँ 【हिंदी गजल/ गीतिका】*
Ravi Prakash
लोकतंत्र तभी तक जिंदा है जब तक आम जनता की आवाज़ जिंदा है जिस
लोकतंत्र तभी तक जिंदा है जब तक आम जनता की आवाज़ जिंदा है जिस
Rj Anand Prajapati
बस फेर है नज़र का हर कली की एक अपनी ही बेकली है
बस फेर है नज़र का हर कली की एक अपनी ही बेकली है
Atul "Krishn"
जब आसमान पर बादल हों,
जब आसमान पर बादल हों,
Shweta Soni
मै मानव  कहलाता,
मै मानव कहलाता,
कार्तिक नितिन शर्मा
"विपक्ष" के पास
*Author प्रणय प्रभात*
*हिंदी दिवस*
*हिंदी दिवस*
Atul Mishra
वक्त आने पर भ्रम टूट ही जाता है कि कितने अपने साथ है कितने न
वक्त आने पर भ्रम टूट ही जाता है कि कितने अपने साथ है कितने न
Ranjeet kumar patre
गुलामी छोड़ दअ
गुलामी छोड़ दअ
Shekhar Chandra Mitra
साईं बाबा
साईं बाबा
Sidhartha Mishra
"बेटी और बेटा"
Ekta chitrangini
जय अन्नदाता
जय अन्नदाता
gurudeenverma198
Loading...