Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Jul 2023 · 1 min read

प्रतिशोध

प्रतिशोध,

जल रही विरह की ज्वाला में,
लेना है प्रतिशोध मुझे।
प्रेमाग्नि मुझे झुलसाती है,
इसका होता अब बोध मुझे।

दीपक बाती का रिश्ता जो,
होता ये गहरा गहरा है ।
जलकर वियोग में प्रियतम के ,
काजल भी देता पहरा है ।
छा रही निराशा प्रतिपल है,
हो रहा अभी तक इंतजार।
आ रहे वेदना के स्वर अब,
हो रहा रुदन है बार-बार ।

पीकर वियोग की हाला को ,
अब कर लेना है शोध मुझे ।
जल रही विरह की ज्वाला में,
अब लेना है प्रतिशोध मुझे।

अब आया सावन मास पथिक,
है होता बारिश का प्रहार ।
मनभावन मौसम सावन का,
अब दर पर करता इंतजार ।
होती वियोग की सीमा तो,
इस मन को मैं समझा लेती।
मिलने की आशा में जोगी,
इस तन को मैं समझा लेती।
समझा होता जो मौसम को ,
तो क्यों होती इतनी पीड़ा।
अब भूले बाग बगीचे सब ,
हरियाली सावन क्रीडा।

भर रहा विषम का प्याला है ,
तजना सब अवरोध मुझे।
जल रही विरह की ज्वाला में,
अब लेना है प्रतिशोध मुझे।

डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव प्रेम
7 जुलाई 2023

Language: Hindi
Tag: गीत
134 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
View all
You may also like:
यादों को याद करें कितना ?
यादों को याद करें कितना ?
The_dk_poetry
"बड़ी चुनौती ये चिन्ता"
Dr. Kishan tandon kranti
*नमन : वीर हनुमन्थप्पा तथा अन्य (गीत)*
*नमन : वीर हनुमन्थप्पा तथा अन्य (गीत)*
Ravi Prakash
हमारी दोस्ती अजीब सी है
हमारी दोस्ती अजीब सी है
Keshav kishor Kumar
I have recognized myself by understanding the values of the constitution. – Desert Fellow Rakesh Yadav
I have recognized myself by understanding the values of the constitution. – Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
ढूँढ़   रहे   शमशान  यहाँ,   मृतदेह    पड़ा    भरपूर  मुरारी
ढूँढ़ रहे शमशान यहाँ, मृतदेह पड़ा भरपूर मुरारी
संजीव शुक्ल 'सचिन'
दर्द उसे होता है
दर्द उसे होता है
Harminder Kaur
कब तक बचोगी तुम
कब तक बचोगी तुम
Basant Bhagawan Roy
अपने पुस्तक के प्रकाशन पर --
अपने पुस्तक के प्रकाशन पर --
Shweta Soni
रंगमंच कलाकार तुलेंद्र यादव जीवन परिचय
रंगमंच कलाकार तुलेंद्र यादव जीवन परिचय
Tulendra Yadav
💐प्रेम कौतुक-219💐
💐प्रेम कौतुक-219💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बड़ी ही शुभ घड़ी आयी, अवध के भाग जागे हैं।
बड़ी ही शुभ घड़ी आयी, अवध के भाग जागे हैं।
डॉ.सीमा अग्रवाल
बिना वजह जब हो ख़ुशी, दुवा करे प्रिय नेक।
बिना वजह जब हो ख़ुशी, दुवा करे प्रिय नेक।
आर.एस. 'प्रीतम'
बलिदानी सिपाही
बलिदानी सिपाही
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
अहसास
अहसास
Dr Parveen Thakur
एक गजल
एक गजल
umesh mehra
संसार में
संसार में
Brijpal Singh
घुटता है दम
घुटता है दम
Shekhar Chandra Mitra
देश और जनता~
देश और जनता~
दिनेश एल० "जैहिंद"
बस अणु भर मैं बस एक अणु भर
बस अणु भर मैं बस एक अणु भर
Atul "Krishn"
जीवन उद्देश्य
जीवन उद्देश्य
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
मैं आँखों से जो कह दूं,
मैं आँखों से जो कह दूं,
Swara Kumari arya
समर्पित बनें, शरणार्थी नहीं।
समर्पित बनें, शरणार्थी नहीं।
Sanjay ' शून्य'
बीत गया प्यारा दिवस,करिए अब आराम।
बीत गया प्यारा दिवस,करिए अब आराम।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
गुम सूम क्यूँ बैठी हैं जरा ये अधर अपने अलग कीजिए ,
गुम सूम क्यूँ बैठी हैं जरा ये अधर अपने अलग कीजिए ,
Sukoon
मेरा प्रेम के प्रति सम्मान
मेरा प्रेम के प्रति सम्मान
Ms.Ankit Halke jha
विपक्ष जो बांटे
विपक्ष जो बांटे
*Author प्रणय प्रभात*
यह जो मेरी हालत है एक दिन सुधर जाएंगे
यह जो मेरी हालत है एक दिन सुधर जाएंगे
Ranjeet kumar patre
तोड़ कर खुद को
तोड़ कर खुद को
Dr fauzia Naseem shad
The flames of your love persist.
The flames of your love persist.
Manisha Manjari
Loading...