Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 May 2024 · 1 min read

पीर मिथ्या नहीं सत्य है यह कथा,

पीर मिथ्या नहीं सत्य है यह कथा,
हर सदी में उपेक्षित रहीं बेटियाँ।

कोख में ही कभी तो कभी सासरे,
ध्वंस इनका हुआ आज भी हो रहा।
आज भी यह जगत पुत्र के आसरे,
ध्वंस इनका हुआ आज भी हो रहा।

नन्दिनी के हृदय की यही है व्यथा,
हर सदी में उपेक्षित रहीं बेटियाँ।

साध गन्तव्य लें एक चेष्टा यहीं
किन्तु रोड़े अटकते रहे हर सदी।
शूल पथ में मिले चूँग नयनों तले,
तन चली ज्यों बहे नित्य कल-कल नदी।

व्यर्थ उद्योग वर्णित नहीं पटकथा,
हर सदी में उपेक्षित रहीं बेटियाँ।

भूल हैं, शूल है, या कि ये फूल हैं,
काल के गाल में प्रश्न हैं ये बड़े।
लेखनी थम गयी शब्द निःशब्द हैं
भाव बेसुध से लगते हैं मुर्छित पड़े।

इस जगत में अभी तक निभी जो प्रथा,
हर सदी में उपेक्षित रहीं बेटियाँ।।

✍️ संजीव शुक्ल ‘सचिन’

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 35 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from संजीव शुक्ल 'सचिन'
View all
You may also like:
मत जलाओ तुम दुबारा रक्त की चिंगारिया।
मत जलाओ तुम दुबारा रक्त की चिंगारिया।
Sanjay ' शून्य'
जनतंत्र
जनतंत्र
अखिलेश 'अखिल'
गीत
गीत
Pankaj Bindas
मैंने फत्ते से कहा
मैंने फत्ते से कहा
Satish Srijan
विषय: शब्द विद्या:- स्वछंद कविता
विषय: शब्द विद्या:- स्वछंद कविता
Neelam Sharma
शायरी
शायरी
गुमनाम 'बाबा'
सुबह होने को है साहब - सोने का टाइम हो रहा है
सुबह होने को है साहब - सोने का टाइम हो रहा है
Atul "Krishn"
जय हो भारत देश हमारे
जय हो भारत देश हमारे
Mukta Rashmi
खुद को रखती हूं मैं
खुद को रखती हूं मैं
Dr fauzia Naseem shad
मेरा प्रदेश
मेरा प्रदेश
इंजी. संजय श्रीवास्तव
जीवन में सारा खेल, बस विचारों का है।
जीवन में सारा खेल, बस विचारों का है।
Shubham Pandey (S P)
क्यूट हो सुंदर हो प्यारी सी लगती
क्यूट हो सुंदर हो प्यारी सी लगती
Jitendra Chhonkar
हे कृतघ्न मानव!
हे कृतघ्न मानव!
Vishnu Prasad 'panchotiya'
वो ही तो यहाँ बदनाम प्यार को करते हैं
वो ही तो यहाँ बदनाम प्यार को करते हैं
gurudeenverma198
मेले
मेले
Punam Pande
मउगी चला देले कुछउ उठा के
मउगी चला देले कुछउ उठा के
आकाश महेशपुरी
....नया मोड़
....नया मोड़
Naushaba Suriya
मोमबत्ती जब है जलती
मोमबत्ती जब है जलती
Buddha Prakash
सम्बन्ध वो नहीं जो रिक्तता को भरते हैं, सम्बन्ध वो जो शून्यत
सम्बन्ध वो नहीं जो रिक्तता को भरते हैं, सम्बन्ध वो जो शून्यत
ललकार भारद्वाज
जिस तरह से बिना चाहे ग़म मिल जाते है
जिस तरह से बिना चाहे ग़म मिल जाते है
shabina. Naaz
डुगडुगी बजती रही ....
डुगडुगी बजती रही ....
sushil sarna
"दिल में दिमाग"
Dr. Kishan tandon kranti
मैं मोहब्बत हूं
मैं मोहब्बत हूं
Ritu Asooja
किसी को घर, तो किसी को रंग महलों में बुलाती है,
किसी को घर, तो किसी को रंग महलों में बुलाती है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
* हासिल होती जीत *
* हासिल होती जीत *
surenderpal vaidya
ସଦାଚାର
ସଦାଚାର
Bidyadhar Mantry
भोर पुरानी हो गई
भोर पुरानी हो गई
आर एस आघात
■ प्रणय का गीत-
■ प्रणय का गीत-
*प्रणय प्रभात*
हमारा अपना........ जीवन
हमारा अपना........ जीवन
Neeraj Agarwal
*कण-कण में भगवान हैं, कण-कण में प्रभु राम (कुंडलिया)*
*कण-कण में भगवान हैं, कण-कण में प्रभु राम (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
Loading...