Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jul 2016 · 1 min read

पिता

पिता
अंजू मेडम की अश्रुधारा गोदी में बैठे तीसरी कक्षा के छात्र विवेक के हृदय में उतर रही थी | साथ से निकलते हुए गोविंद सर ने देखा तो टोका – ‘अरे वाह ! सदा दुत्कारी जीव और ये आत्मीयता ? सुखद आश्चर्य ! पर मेडम माजरा क्या है ?’
अपनी सुबकाई को बड़ी मुश्किल से रोक कर अंजू मेडम बताने लगी – सर पिता पर लिखे इसके निबंध ने मेरे स्वर्गीय पिता जी की दशा याद दिला दी |
गोविंद सर जानना चाहते थे आखिर उस निबंध में लिखा क्या है ?
उनकी उत्सुकता शांत करने हेतु अंजू मेडम ने बालक विवेक का लिखा निबंध पढ़ा –
‘पिता मेरे लिए एक खौफ है |
उसकी लाल-लाल आँखों से डर लगता है |
एक दिन मेरे द्वारा उसकी सफ़ेद पाउडर की पुड़िया (जिसे वह बहुत कीमती कहता था) बिखर जाने के बाद से तो यह खौफ हर दिन बढ़ता ही चला आ रहा है |’

Language: Hindi
450 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
इतनी महंगी हो गई है रिश्तो की चुंबक
इतनी महंगी हो गई है रिश्तो की चुंबक
कवि दीपक बवेजा
प्रेरणा
प्रेरणा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
शेर अर्ज किया है
शेर अर्ज किया है
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
कहां तक चलना है,
कहां तक चलना है,
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
अनजान बनकर मिले थे,
अनजान बनकर मिले थे,
Jay Dewangan
अपने मन के भाव में।
अपने मन के भाव में।
Vedha Singh
एक छोरी काळती हमेशा जीव बाळती,
एक छोरी काळती हमेशा जीव बाळती,
प्रेमदास वसु सुरेखा
हिंदी दिवस पर विशेष
हिंदी दिवस पर विशेष
Akash Yadav
मैं तुम्हें यूँ ही
मैं तुम्हें यूँ ही
हिमांशु Kulshrestha
न चाहे युद्ध वही तो बुद्ध है।
न चाहे युद्ध वही तो बुद्ध है।
Buddha Prakash
1🌹सतत - सृजन🌹
1🌹सतत - सृजन🌹
Dr Shweta sood
💐अज्ञात के प्रति-117💐
💐अज्ञात के प्रति-117💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
ग़ज़ल कहूँ तो मैं ‘असद’, मुझमे बसते ‘मीर’
ग़ज़ल कहूँ तो मैं ‘असद’, मुझमे बसते ‘मीर’
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बसंत
बसंत
नूरफातिमा खातून नूरी
अपनी यही चाहत है_
अपनी यही चाहत है_
Rajesh vyas
गीत
गीत
Pankaj Bindas
नजरों को बचा लो जख्मों को छिपा लो,
नजरों को बचा लो जख्मों को छिपा लो,
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
दुःख इस बात का नहीं के तुमने बुलाया नहीं........
दुःख इस बात का नहीं के तुमने बुलाया नहीं........
shabina. Naaz
ख्वाहिश
ख्वाहिश
Annu Gurjar
खोखली बातें
खोखली बातें
Dr. Narendra Valmiki
नकारात्मक लोगो से हमेशा दूर रहना चाहिए
नकारात्मक लोगो से हमेशा दूर रहना चाहिए
शेखर सिंह
बेटा हिन्द का हूँ
बेटा हिन्द का हूँ
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
"प्यार की कहानी "
Pushpraj Anant
दिव्य ज्योति मुखरित भेल ,ह्रदय जुड़ायल मन हर्षित भेल !पाबि ले
दिव्य ज्योति मुखरित भेल ,ह्रदय जुड़ायल मन हर्षित भेल !पाबि ले
DrLakshman Jha Parimal
मै जो कुछ हु वही कुछ हु।
मै जो कुछ हु वही कुछ हु।
पूर्वार्थ
सकारात्मकता
सकारात्मकता
Sangeeta Beniwal
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
कह पाना मुश्किल बहुत, बातें कही हमें।
कह पाना मुश्किल बहुत, बातें कही हमें।
surenderpal vaidya
तुम हमेशा से  मेरा आईना हो॥
तुम हमेशा से मेरा आईना हो॥
कुमार
जिंदगी में जो मिला सब, सिर्फ खोने के लिए(हिंदी गजल गीतिका)
जिंदगी में जो मिला सब, सिर्फ खोने के लिए(हिंदी गजल गीतिका)
Ravi Prakash
Loading...