Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Nov 2022 · 1 min read

पहचान

इतनी बड़ी दुनिया है कल मिलें या ना मिलें, सबके दिल में अपनी एक छोटी सी पहचान बना लो। दर्द भले ही दिल में है पर सुकून के लिए झूठी ही सही मगर होठों पर एक मुस्कान बना लो।।

Language: Hindi
1 Like · 306 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
यारों की महफ़िल सजे ज़माना हो गया,
यारों की महफ़िल सजे ज़माना हो गया,
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
Ishq ke panne par naam tera likh dia,
Ishq ke panne par naam tera likh dia,
Chinkey Jain
शर्ट के टूटे बटन से लेकर
शर्ट के टूटे बटन से लेकर
Ranjeet kumar patre
*बारिश सी बूंदों सी है प्रेम कहानी*
*बारिश सी बूंदों सी है प्रेम कहानी*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
श्रेय एवं प्रेय मार्ग
श्रेय एवं प्रेय मार्ग
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
परिवर्तन
परिवर्तन
विनोद सिल्ला
प्रेम
प्रेम
Kanchan Khanna
दूब घास गणपति
दूब घास गणपति
Neelam Sharma
हृदय परिवर्तन जो 'बुद्ध' ने किया ..।
हृदय परिवर्तन जो 'बुद्ध' ने किया ..।
Buddha Prakash
#फ़र्ज़ी_उपाधि
#फ़र्ज़ी_उपाधि
*Author प्रणय प्रभात*
बहू हो या बेटी ,
बहू हो या बेटी ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
"गुजारिश"
Dr. Kishan tandon kranti
हरा न पाये दौड़कर,
हरा न पाये दौड़कर,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
दीदी
दीदी
Madhavi Srivastava
नव संवत्सर
नव संवत्सर
Manu Vashistha
हमको
हमको
Divya Mishra
जिंदगी का सबूत
जिंदगी का सबूत
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
*पहिए हैं हम दो प्रिये ,चलते अपनी चाल (कुंडलिया)*
*पहिए हैं हम दो प्रिये ,चलते अपनी चाल (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
Ek galti har roj kar rhe hai hum,
Ek galti har roj kar rhe hai hum,
Sakshi Tripathi
4) धन्य है सफर
4) धन्य है सफर
पूनम झा 'प्रथमा'
जब सूरज एक महीने आकाश में ठहर गया, चलना भूल गया! / Pawan Prajapati
जब सूरज एक महीने आकाश में ठहर गया, चलना भूल गया! / Pawan Prajapati
Dr MusafiR BaithA
पथ प्रदर्शक पिता
पथ प्रदर्शक पिता
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
उनको ही लाजवाब लिक्खा है
उनको ही लाजवाब लिक्खा है
अरशद रसूल बदायूंनी
जीवन -जीवन होता है
जीवन -जीवन होता है
Dr fauzia Naseem shad
2515.पूर्णिका
2515.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
भावनाओं का प्रबल होता मधुर आधार।
भावनाओं का प्रबल होता मधुर आधार।
surenderpal vaidya
चेहरे के भाव
चेहरे के भाव
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
ग़ज़ल/नज़्म - फितरत-ए-इंसाँ...नदियों को खाकर वो फूला नहीं समाता है
ग़ज़ल/नज़्म - फितरत-ए-इंसाँ...नदियों को खाकर वो फूला नहीं समाता है
अनिल कुमार
वक्त के आगे
वक्त के आगे
Sangeeta Beniwal
बेटी
बेटी
Dr Archana Gupta
Loading...