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8 Jul 2023 · 1 min read

परिभाषाएं अनगिनत,

परिभाषाएं अनगिनत,
प्रेम न परिभाषेय।
जो हारा जीता वही,
प्रेम सदैव अजेय।।

महेश चन्द्र त्रिपाठी

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