Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Nov 2023 · 1 min read

नारी सम्मान

मां सबको हनुमत कहे, देवी कहते राम।
संबंधों से इतर था, नारी का एक मुकाम।।

कलयुग युग है अर्थ का, जन जन बसता काम।
मोक्ष की है चिंता किसे, अब धर्म हुआ बदनाम।।

रिश्तों को हैं बेचते, यूं खुद के रिश्तेदार।
अर्थ के खातिर हो रहे, दो धारी तलवार।।

अपने अपनों को छले, ले रिश्तों का नाम।
मर्दों का है षणयंत्र सब, है औरत बदनाम।।

नारी की इज्जत नहीं, तो समझो रावण राज।
छल नारी संग हो जहां, वह है मृतक समाज।।

मां पत्नी हो या बहन बुआ दादी मौसी या बेटी हो।
‘संजय’ सुखी समाज वही जो स्त्री को गौरव देती हो।।

जै श्री राम

Language: Hindi
2 Likes · 1 Comment · 176 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बिहनन्हा के हल्का सा घाम कुछ याद दीलाथे ,
बिहनन्हा के हल्का सा घाम कुछ याद दीलाथे ,
Krishna Kumar ANANT
कैसी ये पीर है
कैसी ये पीर है
Dr fauzia Naseem shad
मातृ रूप
मातृ रूप
डॉ. श्री रमण 'श्रीपद्'
वक़्त के वो निशाँ है
वक़्त के वो निशाँ है
Atul "Krishn"
आज़ादी के दीवानों ने
आज़ादी के दीवानों ने
करन ''केसरा''
आस्था स्वयं के विनाश का कारण होती है
आस्था स्वयं के विनाश का कारण होती है
प्रेमदास वसु सुरेखा
वतन-ए-इश्क़
वतन-ए-इश्क़
Neelam Sharma
ऐ आसमां ना इतरा खुद पर
ऐ आसमां ना इतरा खुद पर
शिव प्रताप लोधी
*स्वर्ग में सबको मिला तन, स्वस्थ और जवान है 【गीतिका】*
*स्वर्ग में सबको मिला तन, स्वस्थ और जवान है 【गीतिका】*
Ravi Prakash
"मुरीद"
Dr. Kishan tandon kranti
I Can Cut All The Strings Attached
I Can Cut All The Strings Attached
Manisha Manjari
लोकतंत्र
लोकतंत्र
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
नौ फेरे नौ वचन
नौ फेरे नौ वचन
Dr. Pradeep Kumar Sharma
रुख़सारों की सुर्खियाँ,
रुख़सारों की सुर्खियाँ,
sushil sarna
यारी
यारी
Dr. Mahesh Kumawat
My Precious Gems
My Precious Gems
Natasha Stephen
सुविचार..
सुविचार..
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
शुक्र मनाओ आप
शुक्र मनाओ आप
शेखर सिंह
कदम रखूं ज्यों शिखर पर
कदम रखूं ज्यों शिखर पर
Divya Mishra
हाल ऐसा की खुद पे तरस आता है
हाल ऐसा की खुद पे तरस आता है
Kumar lalit
भारत का लाल
भारत का लाल
Aman Sinha
बैसाखी....
बैसाखी....
पंकज पाण्डेय सावर्ण्य
जिन्दगी की यात्रा में हम सब का,
जिन्दगी की यात्रा में हम सब का,
नेताम आर सी
आरक्षण
आरक्षण
Artist Sudhir Singh (सुधीरा)
जो सच में प्रेम करते हैं,
जो सच में प्रेम करते हैं,
Dr. Man Mohan Krishna
गजब गांव
गजब गांव
Sanjay ' शून्य'
मौत का डर
मौत का डर
अनिल "आदर्श"
ऐसी फूलों की एक दुकान उस गली मैं खोलूंगा,
ऐसी फूलों की एक दुकान उस गली मैं खोलूंगा,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
अगहन कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के
अगहन कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के
Shashi kala vyas
नया भारत
नया भारत
दुष्यन्त 'बाबा'
Loading...