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20 Feb 2022 · 1 min read

नजर और सागर

नज़र भर् के न देख सको कि
सागर ने ओझल होने तक का सफर खूब रखा है
जितनी नज़र है एक नजर कि फिर भी
उसमें पूरा का पूरा सागर डूब रखा है
रहने देते है सारे बहाने यू ही
सागर और नज़र कि आंख मिचौली कि तरह
न खत्म कर सकेगे वो प्यार तेरा
हमेशा के लीये इसे महफूज रखा है।

Language: Hindi
Tag: शेर
3 Likes · 226 Views
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