Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Sep 2021 · 2 min read

धागा और जुबान

✒️?जीवन की पाठशाला ??️
जीवन चक्र ने मुझे सिखाया की जिंदगी को गमले के पौधे की तरह मत बनाओ जो थोड़ी सी धूप लगने पर मुरझा जाये…जिंदगी को जंगल के पेड़ की तरह बनाओ जो हर परिस्तिथि में मस्ती से झूमता रहे !

जीवन चक्र ने मुझे सिखाया की खुला हुआ लम्बा धागा और जरुरत से ज्यादा लम्बी जुबान अमूमन नई समस्याओं को जन्म देती है -ज्यादा खुला धागा अक्सर उलझ जाता है इसलिए जहाँ तक हो सके लपेट कर रखें और लम्बी जुबान उस बिगड़ैल घोड़े की तरह हो जाती है जो आसानी से काबू में नहीं आती ,संबंधों में तनाव -फूट पैदा करती है और आँखों की शर्म -लिहाज को भूला देती है …,

जीवन चक्र ने मुझे सिखाया की जिंदगी में एक मुकाम ऐसा भी आता है जहाँ अधूरी ख्वाहिशों -सपनों के पूरा ना हो पाने की तड़प होती है -पल पल अपनों को अपने से दूर होते देखते रहने की अनकही -बेबस -बेजुबान बेबसी होती है ,ये कुछ ऐसा होता है जहाँ जंगल के शेर को पिंजरे में बंद कर दिया हो और आता जाता या एक बच्चा भी उसे कंकर मार कर चला जाए …,

आखिर में एक ही बात समझ आई की यहाँ अमूमन एक आम आदमी चैन की नींद नहीं सो पाता क्यूंकि हर बदलती करवट के साथ सुबह के होने की बेचैनी होती है -कल के दिन क्या होगा -कैसे होगा -होगा के नहीं होगा जैसे प्रश्नों की झड़ी दिमाग में होती है …!

बाक़ी कल , अपनी दुआओं में याद रखियेगा ?सावधान रहिये-सुरक्षित रहिये ,अपना और अपनों का ध्यान रखिये ,संकट अभी टला नहीं है ,दो गज की दूरी और मास्क ? है जरुरी …!
?सुप्रभात?
स्वरचित एवं स्वमौलिक
“?विकास शर्मा’शिवाया ‘”?
जयपुर-राजस्थान

Language: Hindi
Tag: लेख
1 Like · 285 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नसीब में था अकेलापन,
नसीब में था अकेलापन,
Umender kumar
गुमनाम ज़िन्दगी
गुमनाम ज़िन्दगी
Santosh Shrivastava
राम लला की हो गई,
राम लला की हो गई,
sushil sarna
"" *माँ के चरणों में स्वर्ग* ""
सुनीलानंद महंत
6) “जय श्री राम”
6) “जय श्री राम”
Sapna Arora
गम इतने दिए जिंदगी ने
गम इतने दिए जिंदगी ने
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
दोस्ती के नाम
दोस्ती के नाम
Dr. Rajeev Jain
बुंदेली दोहा- पैचान१
बुंदेली दोहा- पैचान१
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
जय जय दुर्गा माता
जय जय दुर्गा माता
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
कांतिमय यौवन की छाया
कांतिमय यौवन की छाया
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
मैं जाटव हूं और अपने समाज और जाटवो का समर्थक हूं किसी अन्य स
मैं जाटव हूं और अपने समाज और जाटवो का समर्थक हूं किसी अन्य स
शेखर सिंह
हमें यह ज्ञात है, आभास है
हमें यह ज्ञात है, आभास है
DrLakshman Jha Parimal
हर किसी पर नहीं ज़ाहिर होते
हर किसी पर नहीं ज़ाहिर होते
Shweta Soni
आई अमावस घर को आई
आई अमावस घर को आई
Suryakant Dwivedi
** सुख और दुख **
** सुख और दुख **
Swami Ganganiya
पूछो हर किसी सेआजकल  जिंदगी का सफर
पूछो हर किसी सेआजकल जिंदगी का सफर
पूर्वार्थ
शिकारी संस्कृति के
शिकारी संस्कृति के
Sanjay ' शून्य'
मेरी पलकों पे ख़्वाब रहने दो
मेरी पलकों पे ख़्वाब रहने दो
Dr fauzia Naseem shad
जी करता है , बाबा बन जाऊं - व्यंग्य
जी करता है , बाबा बन जाऊं - व्यंग्य
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कहाँ है!
कहाँ है!
Neelam Sharma
*भीड़ से बचकर रहो, एकांत के वासी बनो ( मुक्तक )*
*भीड़ से बचकर रहो, एकांत के वासी बनो ( मुक्तक )*
Ravi Prakash
Dr Arun Kumar shastri एक अबोध बालक
Dr Arun Kumar shastri एक अबोध बालक
DR ARUN KUMAR SHASTRI
#ग़ज़ल
#ग़ज़ल
*प्रणय प्रभात*
पाँव में खनकी चाँदी हो जैसे - संदीप ठाकुर
पाँव में खनकी चाँदी हो जैसे - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
पति पत्नि की नोक झोंक व प्यार (हास्य व्यंग)
पति पत्नि की नोक झोंक व प्यार (हास्य व्यंग)
Ram Krishan Rastogi
3144.*पूर्णिका*
3144.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
आज मंगलवार, 05 दिसम्बर 2023  मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष की अष्टमी
आज मंगलवार, 05 दिसम्बर 2023 मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष की अष्टमी
Shashi kala vyas
आज जब वाद सब सुलझने लगे...
आज जब वाद सब सुलझने लगे...
डॉ.सीमा अग्रवाल
विश्वकप-2023
विश्वकप-2023
World Cup-2023 Top story (विश्वकप-2023, भारत)
मैं तुम्हें लिखता रहूंगा
मैं तुम्हें लिखता रहूंगा
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
Loading...