Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Apr 2023 · 1 min read

धन बल पर्याय

निकाय चुनाव धन बल पर्याय
निठल्लों की हो जाएगी विधि से ताजपोशी
जनता रह जाएगी ठगी सी

स्थानीय निकाय कैसे बनें कारगर
मतदाता इन सवालों पर डालता नहीं नजर
बस ठसक तक सिमटे अफसर

आमदनी चवन्नी पर खर्च रुपैया
फिर निकायों का खजाना कैसे भरेगा भैया
समस्याओं का दंश झेलें बसैया

सड़क, नालियां, पार्क सब बदहाल
मनमाने निर्माण कार्य से ठेकेदार हुए मालामाल
समस्याग्रस्त लोग नोचें अपने बाल

निकाय कानूनों में बदलाव जरूरी
समुचित जिम्मेदारी निभाएं कौन यही यक्ष प्रश्न
बड़े हुक्काम सत्ता में मग्न

Language: Hindi
183 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
महंगाई के इस दौर में भी
महंगाई के इस दौर में भी
Kailash singh
कैसे कहें घनघोर तम है
कैसे कहें घनघोर तम है
Suryakant Dwivedi
ये शास्वत है कि हम सभी ईश्वर अंश है। परंतु सबकी परिस्थितियां
ये शास्वत है कि हम सभी ईश्वर अंश है। परंतु सबकी परिस्थितियां
Sanjay ' शून्य'
*राममय हुई रामपुर रजा लाइब्रेरी*
*राममय हुई रामपुर रजा लाइब्रेरी*
Ravi Prakash
"विस्मृति"
Dr. Kishan tandon kranti
पहले आप
पहले आप
Shivkumar Bilagrami
अपने अच्छे कर्मों से अपने व्यक्तित्व को हम इतना निखार लें कि
अपने अच्छे कर्मों से अपने व्यक्तित्व को हम इतना निखार लें कि
Paras Nath Jha
देखा है।
देखा है।
Shriyansh Gupta
हार हूँ
हार हूँ
Satish Srijan
सब तेरा है
सब तेरा है
Swami Ganganiya
मै शहर में गाँव खोजता रह गया   ।
मै शहर में गाँव खोजता रह गया ।
CA Amit Kumar
आस लगाए बैठे हैं कि कब उम्मीद का दामन भर जाए, कहने को दुनिया
आस लगाए बैठे हैं कि कब उम्मीद का दामन भर जाए, कहने को दुनिया
Shashi kala vyas
💐प्रेम कौतुक-203💐
💐प्रेम कौतुक-203💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
स्याह एक रात
स्याह एक रात
हिमांशु Kulshrestha
फ़ैसले का वक़्त
फ़ैसले का वक़्त
Shekhar Chandra Mitra
Right now I'm quite notorious ,
Right now I'm quite notorious ,
Sukoon
2673.*पूर्णिका*
2673.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कविता की महत्ता।
कविता की महत्ता।
Rj Anand Prajapati
सफ़र आसान हो जाए मिले दोस्त ज़बर कोई
सफ़र आसान हो जाए मिले दोस्त ज़बर कोई
आर.एस. 'प्रीतम'
लगाकर मुखौटा चेहरा खुद का छुपाए बैठे हैं
लगाकर मुखौटा चेहरा खुद का छुपाए बैठे हैं
Gouri tiwari
#आज_का_संदेश
#आज_का_संदेश
*Author प्रणय प्रभात*
|| हवा चाल टेढ़ी चल रही है ||
|| हवा चाल टेढ़ी चल रही है ||
Dr Pranav Gautam
सफलता की ओर
सफलता की ओर
Vandna Thakur
नींद का चुरा लेना बड़ा क़ातिल जुर्म है
नींद का चुरा लेना बड़ा क़ातिल जुर्म है
'अशांत' शेखर
आप किसी का कर्ज चुका सकते है,
आप किसी का कर्ज चुका सकते है,
Aarti sirsat
एक अबोध बालक
एक अबोध बालक
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जिंदगी का चमत्कार,जिंदगी भर किया इंतजार,
जिंदगी का चमत्कार,जिंदगी भर किया इंतजार,
पूर्वार्थ
हिंदुस्तानी है हम सारे
हिंदुस्तानी है हम सारे
Manjhii Masti
कुछ राज़ बताए थे अपनों को
कुछ राज़ बताए थे अपनों को
Rekha khichi
Quote
Quote
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Loading...