Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Jun 2023 · 1 min read

“धन्य प्रीत की रीत..”

कहूँ कोरमा, कहुँ बिरयानी, कबहुँ ब्रोकली कल्ला,
कबहुँ रायता, झोल-कचौड़ी, कबहुँ चटपटे भल्ला।

लाईँ मटकति, एक शायरा, मचो गली मा हल्ला,
धन्य प्रीत की रीत, मोरि मुँह ठूँसि दियो रसगुल्ला।

डहुँकि घरैतिन आइ, “बँटत राशन, लै आवौ गल्ला,”
वैसेइ, गलो रुँधाइ, मोरि हालत पै, हँसत मोहल्ला।

प्रेम दिवानी गोरि, निशानी माँगति, चाँदी छल्ला,
सँकट “आशादास” घोर, अब झाड़ौँ केहि बिधि पल्ला..!

Language: Hindi
3 Likes · 2 Comments · 202 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
View all
You may also like:
एहसास
एहसास
Kanchan Khanna
*धन्य विवेकानंद प्रवक्ता, सत्य सनातन ज्ञान के (गीत)*
*धन्य विवेकानंद प्रवक्ता, सत्य सनातन ज्ञान के (गीत)*
Ravi Prakash
अभिव्यक्ति के समुद्र में, मौत का सफर चल रहा है
अभिव्यक्ति के समुद्र में, मौत का सफर चल रहा है
प्रेमदास वसु सुरेखा
बारिश
बारिश
विजय कुमार अग्रवाल
3278.*पूर्णिका*
3278.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
शून्य से अनंत
शून्य से अनंत
The_dk_poetry
वो काल है - कपाल है,
वो काल है - कपाल है,
manjula chauhan
फूलो की सीख !!
फूलो की सीख !!
Rachana
इश्क में तेरे
इश्क में तेरे
krishna waghmare , कवि,लेखक,पेंटर
खेल सारा सोच का है, हार हो या जीत हो।
खेल सारा सोच का है, हार हो या जीत हो।
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
निकलती हैं तदबीरें
निकलती हैं तदबीरें
Dr fauzia Naseem shad
श्रद्धावान बनें हम लेकिन, रहें अंधश्रद्धा से दूर।
श्रद्धावान बनें हम लेकिन, रहें अंधश्रद्धा से दूर।
महेश चन्द्र त्रिपाठी
सितमज़रीफ़ी
सितमज़रीफ़ी
Atul "Krishn"
हम बात अपनी सादगी से ही रखें ,शालीनता और शिष्टता कलम में हम
हम बात अपनी सादगी से ही रखें ,शालीनता और शिष्टता कलम में हम
DrLakshman Jha Parimal
संविधान
संविधान
लक्ष्मी सिंह
मां
मां
Dr Parveen Thakur
औरत की हँसी
औरत की हँसी
Dr MusafiR BaithA
इक रोज़ मैं सोया था,
इक रोज़ मैं सोया था,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
सरहदों को तोड़कर उस पार देखो।
सरहदों को तोड़कर उस पार देखो।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
जुआं में व्यक्ति कभी कभार जीत सकता है जबकि अपने बुद्धि और कौ
जुआं में व्यक्ति कभी कभार जीत सकता है जबकि अपने बुद्धि और कौ
Rj Anand Prajapati
उम्मीदें  लगाना  छोड़  दो...
उम्मीदें लगाना छोड़ दो...
Aarti sirsat
Tu Mainu pyaar de
Tu Mainu pyaar de
Swami Ganganiya
पक्की छत
पक्की छत
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
Hallucination Of This Night
Hallucination Of This Night
Manisha Manjari
जब अपनी बात होती है,तब हम हमेशा सही होते हैं। गलत रहने के बा
जब अपनी बात होती है,तब हम हमेशा सही होते हैं। गलत रहने के बा
Paras Nath Jha
अदरक वाला स्वाद
अदरक वाला स्वाद
गुमनाम 'बाबा'
हमेशा गिरगिट माहौल देखकर रंग बदलता है
हमेशा गिरगिट माहौल देखकर रंग बदलता है
शेखर सिंह
*पानी केरा बुदबुदा*
*पानी केरा बुदबुदा*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मज़दूर
मज़दूर
Neelam Sharma
पिता, इन्टरनेट युग में
पिता, इन्टरनेट युग में
Shaily
Loading...