Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Aug 2018 · 1 min read

*दोहे*

???????????????

दिनांक : 22-08-2018
दिन : बुधवार

???????????????

⚡️⚡️विषय- सावन⚡️⚡️

?????विधा-दोहा?????

???????????????

(1)
मोहक सावन कर रहा, बरखा की बौछार!
भूलो सारी नफरतें, दिल में भर लो प्यार!!

(2)
सावन का मौसम सदा, होता बड़ा हसीन!
लगती है इस मास में, कुदरत भी रंगीन!!

(3)
सावन में आते यहां, कितने ही त्योहार!
झूमें सब नर नारियां, सजता है संसार!!

(4)
भाईचारा सब रखो, सावन दे संदेश!
कितना फिर सुंदर लगे, मेरा भारत देश!!

(5)
मिलजुल कर सारे रहो, मत करना तकरार!
सावन में होती सदा, खुशियों की भरमार!!

(6)
जीवन जो हमको मिला, ईश्वर की सौगात!
आया सावन मास है, लिए मधुर हर बात!!

(7)
मनवा जाए डोलता, नाचे हर इंसान!
सावन में कांवर करे, भोले का गुणगान!!

धर्मेन्द्र अरोड़ा
“मुसाफ़िर पानीपती”

Language: Hindi
1 Comment · 534 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
खामोशी : काश इसे भी पढ़ लेता....!
खामोशी : काश इसे भी पढ़ लेता....!
VEDANTA PATEL
उछल कूद खूब करता रहता हूं,
उछल कूद खूब करता रहता हूं,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
कालजयी जयदेव
कालजयी जयदेव
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
ଅନୁଶାସନ
ଅନୁଶାସନ
Bidyadhar Mantry
अरे रामलला दशरथ नंदन
अरे रामलला दशरथ नंदन
Neeraj Mishra " नीर "
*चारों और मतलबी लोग है*
*चारों और मतलबी लोग है*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
कोरी आँखों के ज़र्द एहसास, आकर्षण की धुरी बन जाते हैं।
कोरी आँखों के ज़र्द एहसास, आकर्षण की धुरी बन जाते हैं।
Manisha Manjari
बाजार में जरूर रहते हैं साहब,
बाजार में जरूर रहते हैं साहब,
Sanjay ' शून्य'
पुकारती है खनकती हुई चूड़ियाँ तुमको।
पुकारती है खनकती हुई चूड़ियाँ तुमको।
Neelam Sharma
यह उँचे लोगो की महफ़िल हैं ।
यह उँचे लोगो की महफ़िल हैं ।
Ashwini sharma
नजर से मिली नजर....
नजर से मिली नजर....
Harminder Kaur
बात न बनती युद्ध से, होता बस संहार।
बात न बनती युद्ध से, होता बस संहार।
डॉ.सीमा अग्रवाल
पर्यावरण है तो सब है
पर्यावरण है तो सब है
Amrit Lal
कृतिकार का परिचय/
कृतिकार का परिचय/"पं बृजेश कुमार नायक" का परिचय
Pt. Brajesh Kumar Nayak
रिटायमेंट (शब्द चित्र)
रिटायमेंट (शब्द चित्र)
Suryakant Dwivedi
कैसी है ये जिंदगी
कैसी है ये जिंदगी
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
"टमाटर" ऐसी चीज़ नहीं
*प्रणय प्रभात*
रम्मी खेलकर लोग रातों रात करोड़ पति बन रहे हैं अगर आपने भी स
रम्मी खेलकर लोग रातों रात करोड़ पति बन रहे हैं अगर आपने भी स
Sonam Puneet Dubey
सेंगोल की जुबानी आपबिती कहानी ?🌅🇮🇳🕊️💙
सेंगोल की जुबानी आपबिती कहानी ?🌅🇮🇳🕊️💙
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
गुरु स्वयं नहि कियो बनि सकैछ ,
गुरु स्वयं नहि कियो बनि सकैछ ,
DrLakshman Jha Parimal
तेरा एहसास
तेरा एहसास
Dr fauzia Naseem shad
अभिव्यक्ति के माध्यम - भाग 02 Desert Fellow Rakesh Yadav
अभिव्यक्ति के माध्यम - भाग 02 Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
अंधेरी रात में भी एक तारा टिमटिमाया है
अंधेरी रात में भी एक तारा टिमटिमाया है
VINOD CHAUHAN
संविधान
संविधान
लक्ष्मी सिंह
"ईमानदारी"
Dr. Kishan tandon kranti
*अहमब्रह्मास्मि9*
*अहमब्रह्मास्मि9*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
When you become conscious of the nature of God in you, your
When you become conscious of the nature of God in you, your
पूर्वार्थ
*घड़ा (बाल कविता)*
*घड़ा (बाल कविता)*
Ravi Prakash
8) “चन्द्रयान भारत की शान”
8) “चन्द्रयान भारत की शान”
Sapna Arora
हो गये अब अजनबी, यहाँ सभी क्यों मुझसे
हो गये अब अजनबी, यहाँ सभी क्यों मुझसे
gurudeenverma198
Loading...