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23 Sep 2016 · 1 min read

दुश्मन की करतूत —डी. के. निवातियाँ

देख ली आज फिर से दुश्मन की करतूत
वार किया है पीठ पे धोखे से बन यमदूत
गीदड़ बन हर्षाये है बहा निर्दोषो का खून
हिम्मत हो तो सामने आ अभी उतारे भूत !!
!
!
!
डी. के. निवातियाँ _____@@@

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
151 Views
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