Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Oct 2022 · 1 min read

दास्तां-ए-दर्द

दास्तां-ए-दर्द

स्कूल में पढ़ना चाहा तो, ऊंच नीच का पाठ पढ़ा दिया,
गांव से दूर कॉलेज जाना चाहा तो, आवारागर्दी का लेबल लगा दिया,
शीशे में निहारना चाहा तो, चरित्र की हल्की बता दिया,
दोस्ती में लड़कों को शामिल करना चाहा तो, बदचलन बता दिया।।

#seematuhaina

3 Likes · 2 Comments · 351 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"शब्दों का सफ़र"
Dr. Kishan tandon kranti
*चित्र में मुस्कान-नकली, प्यार जाना चाहिए 【हिंदी गजल/ गीतिका
*चित्र में मुस्कान-नकली, प्यार जाना चाहिए 【हिंदी गजल/ गीतिका
Ravi Prakash
जीतना अच्छा है,पर अपनों से हारने में ही मज़ा है।
जीतना अच्छा है,पर अपनों से हारने में ही मज़ा है।
अनिल कुमार निश्छल
दो साँसों के तीर पर,
दो साँसों के तीर पर,
sushil sarna
प्रेम
प्रेम
Pratibha Pandey
वर्तमान परिस्थिति - एक चिंतन
वर्तमान परिस्थिति - एक चिंतन
Shyam Sundar Subramanian
*याद तुम्हारी*
*याद तुम्हारी*
Poonam Matia
खुद को पागल मान रहा हु
खुद को पागल मान रहा हु
भरत कुमार सोलंकी
आमदनी ₹27 और खर्चा ₹ 29
आमदनी ₹27 और खर्चा ₹ 29
कार्तिक नितिन शर्मा
मुस्कुराने लगे है
मुस्कुराने लगे है
Paras Mishra
यहां
यहां "ट्रेंडिंग रचनाओं" का
*प्रणय प्रभात*
जो रास्ते हमें चलना सीखाते हैं.....
जो रास्ते हमें चलना सीखाते हैं.....
कवि दीपक बवेजा
🙏गजानन चले आओ🙏
🙏गजानन चले आओ🙏
SPK Sachin Lodhi
रमेशराज के दस हाइकु गीत
रमेशराज के दस हाइकु गीत
कवि रमेशराज
दोहे एकादश...
दोहे एकादश...
डॉ.सीमा अग्रवाल
*भला कैसा ये दौर है*
*भला कैसा ये दौर है*
sudhir kumar
भुलाया ना जा सकेगा ये प्रेम
भुलाया ना जा सकेगा ये प्रेम
The_dk_poetry
चाय दिवस
चाय दिवस
Shyam Vashishtha 'शाहिद'
छिपी रहती है दिल की गहराइयों में ख़्वाहिशें,
छिपी रहती है दिल की गहराइयों में ख़्वाहिशें,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
कुछ करो ऐसा के अब प्यार सम्भाला जाये
कुछ करो ऐसा के अब प्यार सम्भाला जाये
shabina. Naaz
दादा का लगाया नींबू पेड़ / Musafir Baitha
दादा का लगाया नींबू पेड़ / Musafir Baitha
Dr MusafiR BaithA
श्री कृष्ण अवतार
श्री कृष्ण अवतार
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
कभी वैरागी ज़हन, हर पड़ाव से विरक्त किया करती है।
कभी वैरागी ज़हन, हर पड़ाव से विरक्त किया करती है।
Manisha Manjari
#खुलीबात
#खुलीबात
DrLakshman Jha Parimal
तेरी आदत में
तेरी आदत में
Dr fauzia Naseem shad
नफ़रत सहना भी आसान हैं.....⁠♡
नफ़रत सहना भी आसान हैं.....⁠♡
ओसमणी साहू 'ओश'
तुमसे ही दिन मेरा तुम्ही से होती रात है,
तुमसे ही दिन मेरा तुम्ही से होती रात है,
AVINASH (Avi...) MEHRA
मुझे नहीं नभ छूने का अभिलाष।
मुझे नहीं नभ छूने का अभिलाष।
Anil Mishra Prahari
3238.*पूर्णिका*
3238.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
विशेष दिन (महिला दिवस पर)
विशेष दिन (महिला दिवस पर)
Kanchan Khanna
Loading...