Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Jan 2024 · 1 min read

तुम्हीं से मेरी जिंदगानी रहेगी।

तुम्हीं से मेरी जिंदगानी रहेगी।
मेरे इश्क़ की हर कहानी रहेगी।
दिवाना रहेगा, दिवानी रहेगी।
मुहब्बत सुनो खानदानी रहेगी।
कभी याद आऊँ पुनः लौट आना,
तुम्हारे लिए मेजबानी रहेगी।
गली गांव कूचा तुम्हें मैं न दूँगा,
तेरे नाम तो राजधानी रहेगी।
कोई शेर लिखता नहीं हूँ मैं उलझा,
ग़ज़ल है तो रौशन बयानी रहेगी।
निखालिस मुझे प्रेम कर ऐ सनम,
सभी काम को नौकरानी रहेगी।
ऋतुराज वर्मा
प्रबंधक
सरस्वती प्राथमिक शिशु मन्दिर
बहरिया प्रयागराज
मो.. 8953057283

100 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
देख लेते
देख लेते
Dr fauzia Naseem shad
पिता बनाम बाप
पिता बनाम बाप
Sandeep Pande
फूल यूहीं खिला नहीं करते कलियों में बीज को दफ़्न होना पड़ता
फूल यूहीं खिला नहीं करते कलियों में बीज को दफ़्न होना पड़ता
लोकेश शर्मा 'अवस्थी'
हर चढ़ते सूरज की शाम है,
हर चढ़ते सूरज की शाम है,
Lakhan Yadav
मुझे इंतजार है , इंतजार खत्म होने का
मुझे इंतजार है , इंतजार खत्म होने का
Karuna Goswami
माना जीवन लघु बहुत,
माना जीवन लघु बहुत,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मिलकर नज़रें निगाह से लूट लेतीं है आँखें
मिलकर नज़रें निगाह से लूट लेतीं है आँखें
Amit Pandey
सीपी में रेत के भावुक कणों ने प्रवेश किया
सीपी में रेत के भावुक कणों ने प्रवेश किया
ruby kumari
रहता हूँ  ग़ाफ़िल, मख़लूक़ ए ख़ुदा से वफ़ा चाहता हूँ
रहता हूँ ग़ाफ़िल, मख़लूक़ ए ख़ुदा से वफ़ा चाहता हूँ
Mohd Anas
लोग तो मुझे अच्छे दिनों का राजा कहते हैं,
लोग तो मुझे अच्छे दिनों का राजा कहते हैं,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
आजकल का प्राणी कितना विचित्र है,
आजकल का प्राणी कितना विचित्र है,
Divya kumari
हाथ पसारने का दिन ना आए
हाथ पसारने का दिन ना आए
Paras Nath Jha
"बेहतर"
Dr. Kishan tandon kranti
छोटी सी बात
छोटी सी बात
Kanchan Khanna
*जय हनुमान वीर बलशाली (कुछ चौपाइयॉं)*
*जय हनुमान वीर बलशाली (कुछ चौपाइयॉं)*
Ravi Prakash
हँसते गाते हुए
हँसते गाते हुए
Shweta Soni
ग़म ज़दा लोगों से जाके मिलते हैं
ग़म ज़दा लोगों से जाके मिलते हैं
अंसार एटवी
शीर्षक:-कृपालु सदा पुरुषोत्तम राम।
शीर्षक:-कृपालु सदा पुरुषोत्तम राम।
Pratibha Pandey
वो तो एक पहेली हैं
वो तो एक पहेली हैं
Dr. Mahesh Kumawat
स्त्री एक कविता है
स्त्री एक कविता है
SATPAL CHAUHAN
"परीक्षा के भूत "
Yogendra Chaturwedi
कलम वो तलवार है ,
कलम वो तलवार है ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
आ अब लौट चले
आ अब लौट चले
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
हे ! गणपति महाराज
हे ! गणपति महाराज
Ram Krishan Rastogi
बेटियां
बेटियां
Mukesh Kumar Sonkar
"अनमोल सौग़ात"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
माँ
माँ
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अंकुर
अंकुर
manisha
*दिल का आदाब ले जाना*
*दिल का आदाब ले जाना*
sudhir kumar
गति केवल
गति केवल
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...