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25 May 2018 · 1 min read

डमरू घनाक्षरी

डमरू घनाक्षरी-8/8/8/8 अमात्रिक शब्द

घटत अतल जल,बढ़त उमस पल,
जलत अचर चर,गरम सहत जग।
चम चम चमकत,नज़र न ठहरत,
तन जल छलकत,तपत रहत मग।
थम थम धड़कन,भटकत तन मन,
डरपत हर क्षण,जलत चलत पग।
सघन जलद नव,गमन करत नभ,
हरस दरस उर, उमगत नर खग।।
डाॅ बिपिन पाण्डेय

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