Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Jan 2024 · 1 min read

जो सब समझे वैसी ही लिखें वरना लोग अनदेखी कर देंगे!@परिमल

जो सब समझे वैसी ही लिखें वरना लोग अनदेखी कर देंगे!@परिमल

207 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
घर वापसी
घर वापसी
Aman Sinha
जब  भी  तू  मेरे  दरमियाँ  आती  है
जब भी तू मेरे दरमियाँ आती है
Bhupendra Rawat
हर बार नहीं मनाना चाहिए महबूब को
हर बार नहीं मनाना चाहिए महबूब को
शेखर सिंह
आज बाजार बन्द है
आज बाजार बन्द है
gurudeenverma198
Learn to recognize a false alarm
Learn to recognize a false alarm
पूर्वार्थ
महल था ख़्वाबों का
महल था ख़्वाबों का
Dr fauzia Naseem shad
मेरी खूबसूरती बदन के ऊपर नहीं,
मेरी खूबसूरती बदन के ऊपर नहीं,
ओसमणी साहू 'ओश'
हाय वो बचपन कहाँ खो गया
हाय वो बचपन कहाँ खो गया
VINOD CHAUHAN
नृत्य किसी भी गीत और संस्कृति के बोल पर आधारित भावना से ओतप्
नृत्य किसी भी गीत और संस्कृति के बोल पर आधारित भावना से ओतप्
Rj Anand Prajapati
" लक्ष्य सिर्फ परमात्मा ही हैं। "
Aryan Raj
गिरिधारी छंद विधान (सउदाहरण )
गिरिधारी छंद विधान (सउदाहरण )
Subhash Singhai
गंगा मैया
गंगा मैया
Kumud Srivastava
*
*"बसंत पंचमी"*
Shashi kala vyas
तलाशता हूँ -
तलाशता हूँ - "प्रणय यात्रा" के निशाँ  
Atul "Krishn"
अर्जुन सा तू तीर रख, कुंती जैसी पीर।
अर्जुन सा तू तीर रख, कुंती जैसी पीर।
Suryakant Dwivedi
*मदमस्त है मौसम हवा में, फागुनी उत्कर्ष है (मुक्तक)*
*मदमस्त है मौसम हवा में, फागुनी उत्कर्ष है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
खिला हूं आजतक मौसम के थपेड़े सहकर।
खिला हूं आजतक मौसम के थपेड़े सहकर।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
तारे हैं आसमां में हजारों हजार दोस्त।
तारे हैं आसमां में हजारों हजार दोस्त।
सत्य कुमार प्रेमी
संयुक्त परिवार
संयुक्त परिवार
विजय कुमार अग्रवाल
पुर-नूर ख़यालों के जज़्तबात तेरी बंसी।
पुर-नूर ख़यालों के जज़्तबात तेरी बंसी।
Neelam Sharma
कहानी -
कहानी - "सच्चा भक्त"
Dr Tabassum Jahan
समय की धारा रोके ना रुकती,
समय की धारा रोके ना रुकती,
Neerja Sharma
“अग्निपथ आर्मी के अग्निवीर सिपाही ”
“अग्निपथ आर्मी के अग्निवीर सिपाही ”
DrLakshman Jha Parimal
मेरी जान बस रही तेरे गाल के तिल में
मेरी जान बस रही तेरे गाल के तिल में
Devesh Bharadwaj
*आओ बच्चों सीख सिखाऊँ*
*आओ बच्चों सीख सिखाऊँ*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
धीरे धीरे
धीरे धीरे
रवि शंकर साह
भक्त मार्ग और ज्ञान मार्ग
भक्त मार्ग और ज्ञान मार्ग
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
हारता वो है जो शिकायत
हारता वो है जो शिकायत
नेताम आर सी
"सूदखोरी"
Dr. Kishan tandon kranti
सरस्वती बंदना
सरस्वती बंदना
Basant Bhagawan Roy
Loading...