Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 May 2023 · 1 min read

जो बिकता है!

अखबार के रविवारीय परिशिष्ट में जब मैंने अपने मित्र की कहानी पढ़ी ,तो उन्हें बधाई देने के लिए और एक बात के स्पष्टीकरण के लिए फोन लगाया।
“हैलो, राज निगम जी बोल रहे हैं?”
“नमस्कार भाई साहब ! हाँ, मैं ही बोल रहा हूँ। कैसे हैं आप ?”
“नमस्कार निगम साहब! मैं बिल्कुल ठीक हूँ। आज मैंने आपको आपकी कहानी प्रकाशित होने पर बधाई देने के लिए फोन किया है। बहुत सुंदर कहानी है। आपने लिखा है कि यह सत्य घटना पर आधारित कहानी है।”
“जी, भाई साहब ! आप भी तो उस समय साथ ही थे। आपको तो उस घटना के विषय में सब पता है।”
हाँ, पता है। इसीलिए तो आपको फोन किया है। सारी कहानी पढ़ने पर पता चला कि आपने कहानी का एक पात्र बदल दिया है।आपने ऐसा क्यों किया?
“जब आपकी तबीयत खराब हो गई थी तब उस समय ,हम लोगों को बस स्टैंड तक लाने वाला ड्राइवर अब्दुल नहीं, भुवन था।”
“भाई साहब! आपको पता होना चाहिए कि जो बिकता है, लेखक वही लिखता है। इससे लोगों के बीच में साम्प्रदायिक सद्भाव का संदेश जाता है।”
“इससे आपका भला हो सकता है। ‘सो काॅल्ड सेकुलर’ आपको साम्प्रदायिक सद्भाव का मसीहा मान सकते हैं।”
“बुरा मत मानना, निगम साहब! ये छद्म साम्प्रदायिक सद्भाव की चादर ओढ़ने से समाज में कोई बदलाव आने वाला नहीं है। जो भी अच्छा करे उसके काम की प्रशंसा की जानी चाहिए। वह चाहे जिस मत, पंथ या मजहब का मानने वाला क्यों न हो।”
डाॅ बिपिन पाण्डेय

Language: Hindi
207 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तारों से अभी ज्यादा बातें नहीं होती,
तारों से अभी ज्यादा बातें नहीं होती,
manjula chauhan
इसकी तामीर की सज़ा क्या होगी,
इसकी तामीर की सज़ा क्या होगी,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
#आज_का_शेर
#आज_का_शेर
*Author प्रणय प्रभात*
आंख बंद करके जिसको देखना आ गया,
आंख बंद करके जिसको देखना आ गया,
Ashwini Jha
क्या हुआ गर नहीं हुआ, पूरा कोई एक सपना
क्या हुआ गर नहीं हुआ, पूरा कोई एक सपना
gurudeenverma198
मुस्कुराओ तो सही
मुस्कुराओ तो सही
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
पारो
पारो
Acharya Rama Nand Mandal
मैं तुम्हें लिखता रहूंगा
मैं तुम्हें लिखता रहूंगा
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
आदमी हैं जी
आदमी हैं जी
Neeraj Agarwal
फ़ेसबुक पर पिता दिवस / मुसाफ़िर बैठा
फ़ेसबुक पर पिता दिवस / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
विश्वगुरु
विश्वगुरु
Shekhar Chandra Mitra
#शर्माजीकेशब्द
#शर्माजीकेशब्द
pravin sharma
तरस रहा हर काश्तकार
तरस रहा हर काश्तकार
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
"कौन अपने कौन पराये"
Yogendra Chaturwedi
जिंदगी एक सफ़र अपनी
जिंदगी एक सफ़र अपनी
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
विडम्बना और समझना
विडम्बना और समझना
Seema gupta,Alwar
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Srishty Bansal
शॉल (Shawl)
शॉल (Shawl)
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
*बाल गीत (पागल हाथी )*
*बाल गीत (पागल हाथी )*
Rituraj shivem verma
फूल खिलते जा रहे हैं हो गयी है भोर।
फूल खिलते जा रहे हैं हो गयी है भोर।
surenderpal vaidya
योगी है जरूरी
योगी है जरूरी
Tarang Shukla
अलाव
अलाव
गुप्तरत्न
2331.पूर्णिका
2331.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*सुकुं का झरना*... ( 19 of 25 )
*सुकुं का झरना*... ( 19 of 25 )
Kshma Urmila
रात के अंधेरों से सीखा हूं मैं ।
रात के अंधेरों से सीखा हूं मैं ।
★ IPS KAMAL THAKUR ★
स्वार्थ
स्वार्थ
Sushil chauhan
चुनाव
चुनाव
Mukesh Kumar Sonkar
💐अज्ञात के प्रति-18💐
💐अज्ञात के प्रति-18💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
माँ सच्ची संवेदना, माँ कोमल अहसास।
माँ सच्ची संवेदना, माँ कोमल अहसास।
डॉ.सीमा अग्रवाल
प्रेम
प्रेम
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...