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15 Mar 2023 · 1 min read

जीने की ख़्वाहिशों में

मुझसे इस ज़िंदगी की अदावत थी इसलिए ।
जीने की ख़्वाहिशों में मुझे मैं भी चाहिए था। ।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
10 Likes · 238 Views
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