Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Mar 2023 · 1 min read

“जिस में लज़्ज़त वही लाजवाब।

“जिस में लज़्ज़त वही लाजवाब।
फिर चाहे वो
ज़ख़्म हो, दर्द हो
या ग़म हो।।”

☺️प्रणय प्रभात☺️

1 Like · 316 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हंसें और हंसाएँ
हंसें और हंसाएँ
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
दोहा .....
दोहा .....
Neelofar Khan
बदले की चाह और इतिहास की आह बहुत ही खतरनाक होती है। यह दोनों
बदले की चाह और इतिहास की आह बहुत ही खतरनाक होती है। यह दोनों
मिथलेश सिंह"मिलिंद"
पते की बात - दीपक नीलपदम्
पते की बात - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
तेरी मौजूदगी में तेरी दुनिया कौन देखेगा
तेरी मौजूदगी में तेरी दुनिया कौन देखेगा
Rituraj shivem verma
सरकारी
सरकारी
Lalit Singh thakur
*अविश्वसनीय*
*अविश्वसनीय*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
16)”अनेक रूप माँ स्वरूप”
16)”अनेक रूप माँ स्वरूप”
Sapna Arora
लइका ल लगव नही जवान तै खाले मलाई
लइका ल लगव नही जवान तै खाले मलाई
Ranjeet kumar patre
महापुरुषों की सीख
महापुरुषों की सीख
Dr. Pradeep Kumar Sharma
"जिस बिल्ली के भाग से छींका टूट जाए, उसे कुछ माल निरीह चूहों
*प्रणय प्रभात*
करे मतदान
करे मतदान
Pratibha Pandey
फूल
फूल
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मातु काल रात्रि
मातु काल रात्रि
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
जो कभी सबके बीच नहीं रहे वो समाज की बात कर रहे हैं।
जो कभी सबके बीच नहीं रहे वो समाज की बात कर रहे हैं।
राज वीर शर्मा
मूक संवेदना
मूक संवेदना
Buddha Prakash
कवि की कल्पना
कवि की कल्पना
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
The_dk_poetry
की तरह
की तरह
Neelam Sharma
चर्चित हो जाऊँ
चर्चित हो जाऊँ
संजय कुमार संजू
सच के साथ ही जीना सीखा सच के साथ ही मरना
सच के साथ ही जीना सीखा सच के साथ ही मरना
इंजी. संजय श्रीवास्तव
24/244. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/244. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जब गेंद बोलती है, धरती हिलती है, मोहम्मद शमी का जादू, बयां क
जब गेंद बोलती है, धरती हिलती है, मोहम्मद शमी का जादू, बयां क
Sahil Ahmad
इक ज़िंदगी मैंने गुजारी है
इक ज़िंदगी मैंने गुजारी है
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
ଡାକ ଆଉ ଶୁଭୁ ନାହିଁ ହିଆ ଓ ଜଟିଆ
ଡାକ ଆଉ ଶୁଭୁ ନାହିଁ ହିଆ ଓ ଜଟିଆ
Bidyadhar Mantry
प्रेम - एक लेख
प्रेम - एक लेख
बदनाम बनारसी
आखों में नमी की कमी नहीं
आखों में नमी की कमी नहीं
goutam shaw
रमेशराज के दस हाइकु गीत
रमेशराज के दस हाइकु गीत
कवि रमेशराज
कैसा क़हर है क़ुदरत
कैसा क़हर है क़ुदरत
Atul "Krishn"
पढ़ाकू
पढ़ाकू
Dr. Mulla Adam Ali
Loading...