Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings

जिस गली जिस शहर में चला सीखना , दर्द उसके मिटाने भी जाया करो

दूर रह कर हमेशा हुए फासले ,चाहें रिश्तें कितने क़रीबी क्यों ना हों
कर लिए बहुत काम लेन देन के ,विन मतलब कभी तो जाया करो

पद पैसे की इच्छा बुरी तो नहीं मार डालो जमीर कहाँ ये सही
जैसा देखेंगे बच्चे वही सीखेंगें ,पैर अपने माँ बाप के भी दबाया करो

काला कौआ भी है काली कोयल भी है ,कोयल सभी को भाती क्यों है
सुकूँ दे चैन दे दिल को ,अपने मुहँ में ऐसे ही अल्फ़ाज़ लाया करो

जब सँघर्ष है तब ही मँजिल मिले ,सब कुछ सुबिधा नहीं यार जीबन में है
जिस गली जिस शहर में चला सीखना , दर्द उसके मिटाने भी जाया करो

यार जो भी करो तुम सँभल करो , सर उठे गर्व से ना झुके शर्म से
वक़्त रुकता है किसके लिए ये “मदन” वक़्त ऐसे ही अपना ना जाया करो

जिस गली जिस शहर में चला सीखना , दर्द उसके मिटाने भी जाया करो
मदन मोहन सक्सेना

143 Views
You may also like:
श्रीराम
सुरेखा कादियान 'सृजना'
फ़ायदा कुछ नहीं वज़ाहत का ।
Dr fauzia Naseem shad
"फिर से चिपको"
पंकज कुमार कर्ण
दिलों से नफ़रतें सारी
Dr fauzia Naseem shad
बारिश की बौछार
Shriyansh Gupta
पिता जी का आशीर्वाद है !
Kuldeep mishra (KD)
जीवन के उस पार मिलेंगे
Shivkumar Bilagrami
राखी-बंँधवाई
श्री रमण 'श्रीपद्'
पत्नि जो कहे,वह सब जायज़ है
Ram Krishan Rastogi
पितृ ऋण
Shyam Sundar Subramanian
शहीदों का यशगान
शेख़ जाफ़र खान
साधु न भूखा जाय
श्री रमण 'श्रीपद्'
पिता
Saraswati Bajpai
पिता
Dr.Priya Soni Khare
मौन में गूंजते शब्द
Manisha Manjari
✍️सूरज मुट्ठी में जखड़कर देखो✍️
'अशांत' शेखर
घनाक्षरी छन्द
शेख़ जाफ़र खान
कैसे गाऊँ गीत मैं, खोया मेरा प्यार
Dr Archana Gupta
मेरे पापा
Anamika Singh
यादें
kausikigupta315
पिता
Manisha Manjari
ग़ज़ल / (हिन्दी)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
गाँव की साँझ / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
फीका त्यौहार
पाण्डेय चिदानन्द
गिरधर तुम आओ
शेख़ जाफ़र खान
कण-कण तेरे रूप
श्री रमण 'श्रीपद्'
जो दिल ओ ज़ेहन में
Dr fauzia Naseem shad
हवा का हुक़्म / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सच और झूठ
श्री रमण 'श्रीपद्'
दर्द की हम दवा
Dr fauzia Naseem shad
Loading...