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28 Jan 2024 · 1 min read

जिंदगी सितार हो गयी

जिंदगी सितार हो गयी
रिमझिम बरसात हो गयी
उतर आए तुम इस कदर दिल में
जैसे निखरता है चाँद धीरे-धीरे

हिंदी के उच्चारण में हो तुम
छू के हवाओं से
ऐसे गुजरे हो तुम
महसूस करूँ या देखूँ तुम्हें
तुम हो धड़कन तुम ही जुनूँ
क्यों पहले ना मिले तुम
जिंदगी सितार हो गयी
रिमझिम बरसात हो गयी

ईश्वर ने बनाया तुझे मेरे लिए
दिल में प्रेम जगाया तेरे लिए
मिला के तुम्हें यूँ दिल में बसाया
प्रीत तो बस तुझसे है लगाया

बदला सफर बदली मंजिल
बिखरी तारों की टिमटिम
छेड़ रही जिंदगी धुन नयी
बदला -बदला सा सारा जहां है
बदलेगी ये मौसम की रुत
ना बदलेगा मेरा मौसम
रहूँगी सदा तेरी यादों में
हर क्षण हर लम्हा तेरी बातों में

ईश्वर की रुख है मुझपे
की मुझको तुम मिल गए
जिंदगी सितार हो गयी
रिमझिम बरसात हो गयी

ममता रानी
दुमका, झारखंड

Tag: Poem
1 Like · 69 Views
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