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18 Feb 2021 · 1 min read

तंग जिंदगी

बनी हमारी जिन्दगी,बड़ी भयानक जंग।
किस्मत ने लूटा हमें, जैसे कटी पतंग।। १

अधरों पर मुस्कान है, मगर जिंदगी तंग।
कदम पर कदम पर चल रही, एक मुसीबत संग।। २

जब सोती हूँ रात में,डर से काँपे अंग ।
ऐसा लगता है हमें, छोटी बहुत पलंग। ३

पता नहीं है मौत की,छू कर जाती अंग।
बार-बार दस्तक दिया,करे ज़िन्दगी तंग।।४

बहुत अकेली हो गई,रहा न कोई संग।
पर दुनिया कहने लगी, मैं हूँ मस्त मलंग।।५
-लक्ष्मी सिंह
नई दिल्ली

Language: Hindi
250 Views
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