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27 Jul 2023 · 1 min read

जाने इतनी बेहयाई तुममें कहां से आई है ,

जाने इतनी बेहयाई तुममें कहां से आई है ,
जो वतन से गद्दारी तुम्हारे खून में समाई है ,
मुफ्त की आजादी तुम्हें हजम नहीं हो रही ,
मगर अमर शहीदों के खून की भी की रुसवाई है ।

1 Like · 344 Views
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