Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Oct 2022 · 1 min read

ज़िंदगी देख मेरे हाथों में कुछ नहीं आया

उम्र भर अपनी सांसों का क़र्ज़ देकर भी ।
ज़िंदगी देख मेरे हाथों में कुछ नहीं आया ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
14 Likes · 48 Views
You may also like:
चश्मा
राकेश कुमार राठौर
"अबला नहीं मैं"
Dr Meenu Poonia
बेनाम रिश्ता
सोनम राय
शायरी
श्याम सिंह बिष्ट
औरत
Rekha Drolia
एक पेड़ का दर्द
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
✍️गुमसुम सी रातें ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
ज़िक्र तेरा लबों पे क्या आया
Dr fauzia Naseem shad
【21】 *!* क्या हम चंदन जैसे हैं ? *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
दिवाली पर एक गरीब की इच्छा
Ram Krishan Rastogi
क़ौमी यकजहती
Shekhar Chandra Mitra
रबीन्द्रनाथ टैगोर पर तीन मुक्तक
Anamika Singh
"अल्फाज़ कहां से लाते हो"। सिर्फ ओ सिर्फ "अशांत"शेखर जी...
Taj Mohammad
हिंदी व डोगरी की चहेती लेखिका पद्मा सचदेव का निधन
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
राजनीति मे दलबदल
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
निःशब्द- पुस्तक लोकार्पण समारोह
Sahityapedia
मिलेगा क्या मुझको तुमसे
gurudeenverma198
@@कामना च आवश्यकता च विभेदः@@
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
#व्यंग्य :--
*Author प्रणय प्रभात*
✍️हलाल✍️
'अशांत' शेखर
सुकून :-
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
*एक शेर*
Ravi Prakash
रविवार को छुट्टी भाई (समय सारिणी)
Jatashankar Prajapati
बचपन बेटी रूप में
लक्ष्मी सिंह
#Daily writing challenge , सम्मान ___
Manu Vashistha
মিথিলা অক্ষর
DrLakshman Jha Parimal
सिद्धार्थ बुद्ध की करुणा
Buddha Prakash
ख़ुलूसो - अम्न के साए में काम करती हूँ
Dr Archana Gupta
सपनों की दुनिया
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
दीपावली :दोहे
Sushila Joshi
Loading...