Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Jan 2024 · 1 min read

जब भी किसी कार्य को पूर्ण समर्पण के साथ करने के बाद भी असफलत

जब भी किसी कार्य को पूर्ण समर्पण के साथ करने के बाद भी असफलता हाथ आती है तब इस बात का संतोष रहता है कि मेरी कोशिश में किसी भी प्रकार की कमी नहीं थी l सफ़लता आज नहीं तो कल, मिल ही जायेगी l

अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

1 Like · 1 Comment · 137 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
View all
You may also like:
शीर्षक - बुढ़ापा
शीर्षक - बुढ़ापा
Neeraj Agarwal
2566.पूर्णिका
2566.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
आप समझिये साहिब कागज और कलम की ताकत हर दुनिया की ताकत से बड़ी
आप समझिये साहिब कागज और कलम की ताकत हर दुनिया की ताकत से बड़ी
शेखर सिंह
बीती यादें भी बहारों जैसी लगी,
बीती यादें भी बहारों जैसी लगी,
manjula chauhan
आज के रिश्ते: ए
आज के रिश्ते: ए
पूर्वार्थ
घर की रानी
घर की रानी
Kanchan Khanna
तू भी धक्के खा, हे मुसाफिर ! ,
तू भी धक्के खा, हे मुसाफिर ! ,
Buddha Prakash
मन में रखिए हौसला,
मन में रखिए हौसला,
Kaushal Kishor Bhatt
गले की फांस
गले की फांस
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*कंचन काया की कब दावत होगी*
*कंचन काया की कब दावत होगी*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
Nowadays doing nothing is doing everything.
Nowadays doing nothing is doing everything.
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
तेरे लिखे में आग लगे / © MUSAFIR BAITHA
तेरे लिखे में आग लगे / © MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
मैं क्या जानूं क्या होता है किसी एक  के प्यार में
मैं क्या जानूं क्या होता है किसी एक के प्यार में
Manoj Mahato
द्वंद अनेकों पलते देखे (नवगीत)
द्वंद अनेकों पलते देखे (नवगीत)
Rakmish Sultanpuri
प्रभु शरण
प्रभु शरण
चक्षिमा भारद्वाज"खुशी"
हिंदुस्तानी है हम सारे
हिंदुस्तानी है हम सारे
Manjhii Masti
"सम्भावना"
Dr. Kishan tandon kranti
भावनाओं का प्रबल होता मधुर आधार।
भावनाओं का प्रबल होता मधुर आधार।
surenderpal vaidya
बदल लिया ऐसे में, अपना विचार मैंने
बदल लिया ऐसे में, अपना विचार मैंने
gurudeenverma198
बह्र - 1222-1222-122 मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फ़ऊलुन काफ़िया - आ रदीफ़ -है।
बह्र - 1222-1222-122 मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फ़ऊलुन काफ़िया - आ रदीफ़ -है।
Neelam Sharma
अब और ढूंढने की ज़रूरत नहीं मुझे
अब और ढूंढने की ज़रूरत नहीं मुझे
Aadarsh Dubey
चार यार
चार यार
Bodhisatva kastooriya
परिंदे अपने बच्चों को, मगर उड़ना सिखाते हैं( हिंदी गजल)
परिंदे अपने बच्चों को, मगर उड़ना सिखाते हैं( हिंदी गजल)
Ravi Prakash
मेरे सब्र की इंतहां न ले !
मेरे सब्र की इंतहां न ले !
ओसमणी साहू 'ओश'
कोशिश
कोशिश
Dr fauzia Naseem shad
अतिथि हूं......
अतिथि हूं......
Ravi Ghayal
The Magical Darkness
The Magical Darkness
Manisha Manjari
#परिहास-
#परिहास-
*Author प्रणय प्रभात*
तारे दिन में भी चमकते है।
तारे दिन में भी चमकते है।
Rj Anand Prajapati
विनती सुन लो हे ! राधे
विनती सुन लो हे ! राधे
Pooja Singh
Loading...