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4 Feb 2024 · 1 min read

चुन्नी सरकी लाज की,

चुन्नी सरकी लाज की,
भोंडा हुआ शृंगार ।
देह प्रदर्शन बन गया,
मुक्त लोक आधार ।।

सुशील सरना / 4-2-24

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