Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Dec 2022 · 1 min read

चाची बुढ़िया अम्मा (बाल कविता)

चाची बुढ़िया अम्मा (बाल कविता)
××××××××××××××××××××××××
बुढ़िया अम्मा सज कर आईं
पाउडर खूब लगाकर
रचे हुए थे होंठ लाल
दो-दो पानों को खाकर

बोलीं बच्चों मुझे आज से
अम्मा नहीं बुलाना
अच्छा लगता है मुझको
तुमसे चाची कहलाना

बच्चे बोले उम्र नहीं
छुप सकती, वही रहेगी
तुम अम्मा हो, दुनिया तुमको
चाची नहीं कहेगी

हुई रुआँसी बूढ़ी अम्मा
खूब बैठ कर रोईं
फिर लिहाफ को ओढ़ा सिर तक
बड़ी देर तक सोईं
“”””””””””‘”””””””””””””‘””‘”””””””””””””””””
रचयिता : रविप्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

142 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
गीत मौसम का
गीत मौसम का
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
■ क़तआ (मुक्तक)
■ क़तआ (मुक्तक)
*Author प्रणय प्रभात*
!! मन रखिये !!
!! मन रखिये !!
Chunnu Lal Gupta
💐प्रेम कौतुक-561💐
💐प्रेम कौतुक-561💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
समरथ को नही दोष गोसाई
समरथ को नही दोष गोसाई
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
भटक रहे अज्ञान में,
भटक रहे अज्ञान में,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बादल
बादल
लक्ष्मी सिंह
कुत्ते की व्यथा
कुत्ते की व्यथा
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
छोड दो उनको उन के हाल पे.......अब
छोड दो उनको उन के हाल पे.......अब
shabina. Naaz
डीजे
डीजे
Dr. Pradeep Kumar Sharma
"पते की बात"
Dr. Kishan tandon kranti
इतना क्यों व्यस्त हो तुम
इतना क्यों व्यस्त हो तुम
Shiv kumar Barman
*पुस्तक समीक्षा*
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
जन गण मन अधिनायक जय हे ! भारत भाग्य विधाता।
जन गण मन अधिनायक जय हे ! भारत भाग्य विधाता।
Neelam Sharma
" पाती जो है प्रीत की "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
मेरा हर राज़ खोल सकता है
मेरा हर राज़ खोल सकता है
Shweta Soni
जिंदगी भी फूलों की तरह हैं।
जिंदगी भी फूलों की तरह हैं।
Neeraj Agarwal
दु:ख का रोना मत रोना कभी किसी के सामने क्योंकि लोग अफसोस नही
दु:ख का रोना मत रोना कभी किसी के सामने क्योंकि लोग अफसोस नही
Ranjeet kumar patre
One fails forward toward success - Charles Kettering
One fails forward toward success - Charles Kettering
पूर्वार्थ
" मैं तो लिखता जाऊँगा "
DrLakshman Jha Parimal
वो दो साल जिंदगी के (2010-2012)
वो दो साल जिंदगी के (2010-2012)
Shyam Pandey
हम जंग में कुछ ऐसा उतरे
हम जंग में कुछ ऐसा उतरे
Ankita Patel
2552.*पूर्णिका**कामयाबी का स्वाद चखो*
2552.*पूर्णिका**कामयाबी का स्वाद चखो*
Dr.Khedu Bharti
जो बातें अंदर दबी हुई रह जाती हैं
जो बातें अंदर दबी हुई रह जाती हैं
श्याम सिंह बिष्ट
ख़ामोश सा शहर
ख़ामोश सा शहर
हिमांशु Kulshrestha
मन को मना लेना ही सही है
मन को मना लेना ही सही है
शेखर सिंह
अनुभूति, चिन्तन तथा अभिव्यक्ति की त्रिवेणी ... “ हुई हैं चाँद से बातें हमारी “.
अनुभूति, चिन्तन तथा अभिव्यक्ति की त्रिवेणी ... “ हुई हैं चाँद से बातें हमारी “.
Dr Archana Gupta
रमेशराज की 3 तेवरियाँ
रमेशराज की 3 तेवरियाँ
कवि रमेशराज
चींटी रानी
चींटी रानी
Manu Vashistha
Loading...