Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Sep 2016 · 1 min read

चलाचली

यह भी व्यतीत हो जाएंगे ज्यों वे स्वर्णिम क्षण बीत गए

सतचिन्मय दिव्य अनुदान मिले अमृतमय सब वरदान मिले
परिपूरित शुभ आशीषों से ज्योतिर्मय निशा-विहान मिले
कैसे मानूँ घनघोर तिमिर मे ज्योतिकलश वे रीत गए
यह भी व्यतीत हो जाएंगे ज्यों वे स्वर्णिम क्षण बीत गए

इतना कोलाहल है जग मे मनवा कितना एकाकी है
अब चलाचली की वेला मे कहना सुनना क्या बाकी है
जो हम तुमसे न कह पाये वह कहकर मेरे गीत गए
यह भी व्यतीत हो जाएंगे ज्यों वे स्वर्णिम क्षण बीत गए

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 533 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तेरी नाराज़गियों से तुझको ठुकराने वाले मिलेंगे सारे जहां
तेरी नाराज़गियों से तुझको ठुकराने वाले मिलेंगे सारे जहां
Ankita Patel
जाने वाले बस कदमों के निशाँ छोड़ जाते हैं
जाने वाले बस कदमों के निशाँ छोड़ जाते हैं
VINOD CHAUHAN
ग़ज़ल
ग़ज़ल
प्रदीप माहिर
परमात्मा
परमात्मा
krishna waghmare , कवि,लेखक,पेंटर
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Mamta Rani
"दिल कहता है"
Dr. Kishan tandon kranti
प्रभु श्री राम
प्रभु श्री राम
Mamta Singh Devaa
हमको बच्चा रहने दो।
हमको बच्चा रहने दो।
Manju Singh
8-मेरे मुखड़े को सूरज चाँद से माँ तोल देती है
8-मेरे मुखड़े को सूरज चाँद से माँ तोल देती है
Ajay Kumar Vimal
आप अपनी नज़र से
आप अपनी नज़र से
Dr fauzia Naseem shad
हिन्दी दिवस
हिन्दी दिवस
Ram Krishan Rastogi
अब आदमी के जाने कितने रंग हो गए।
अब आदमी के जाने कितने रंग हो गए।
सत्य कुमार प्रेमी
राधा अब्बो से हां कर दअ...
राधा अब्बो से हां कर दअ...
Shekhar Chandra Mitra
ॐ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
चर्चित हो जाऊँ
चर्चित हो जाऊँ
संजय कुमार संजू
हां राम, समर शेष है
हां राम, समर शेष है
Suryakant Dwivedi
■ प्रणय के मुक्तक
■ प्रणय के मुक्तक
*प्रणय प्रभात*
असर हुआ इसरार का,
असर हुआ इसरार का,
sushil sarna
The stars are waiting for this adorable day.
The stars are waiting for this adorable day.
Sakshi Tripathi
इस क़दर फंसे हुए है तेरी उलझनों में ऐ ज़िंदगी,
इस क़दर फंसे हुए है तेरी उलझनों में ऐ ज़िंदगी,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*जन्मभूमि में प्राण-प्रतिष्ठित, प्रभु की जय-जयकार है (गीत)*
*जन्मभूमि में प्राण-प्रतिष्ठित, प्रभु की जय-जयकार है (गीत)*
Ravi Prakash
गुरु ही वर्ण गुरु ही संवाद ?🙏🙏
गुरु ही वर्ण गुरु ही संवाद ?🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
पवन
पवन
Dinesh Kumar Gangwar
!! पर्यावरण !!
!! पर्यावरण !!
Chunnu Lal Gupta
विनम्रता, साधुता दयालुता  सभ्यता एवं गंभीरता जवानी ढलने पर आ
विनम्रता, साधुता दयालुता सभ्यता एवं गंभीरता जवानी ढलने पर आ
Rj Anand Prajapati
The Journey of this heartbeat.
The Journey of this heartbeat.
Manisha Manjari
मानव पहले जान ले,तू जीवन  का सार
मानव पहले जान ले,तू जीवन का सार
Dr Archana Gupta
दोयम दर्जे के लोग
दोयम दर्जे के लोग
Sanjay ' शून्य'
*शीर्षक - प्रेम ..एक सोच*
*शीर्षक - प्रेम ..एक सोच*
Neeraj Agarwal
बदचलन (हिंदी उपन्यास)
बदचलन (हिंदी उपन्यास)
Shwet Kumar Sinha
Loading...