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15 Aug 2023 · 1 min read

चंद तारे

चाँद – तारे बिखेर देंगे , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द
कर देंगे हर एक कोना रोशन , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द |

फूलों की खुशबू महकेगी , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द
गली – गली महक उठेगी , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द |

जन – गण – मन गूंजेगा , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द
वीरों के दर पर लगेंगे मेले , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द |

जय हिन्द का गूंजेगा नारा , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द
संस्कृति का परचम लहरेगा , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द |

भगत – गुरु फिर से आयंगे , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द
गाँधी – नेहरु फिर महकेंगे , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द |

प्रतिभाओं का लगेगा मेला , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द
शिक्षा का उपवन महकेगा , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द |

चाँद पर परचम लहरेगा , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द
कोई भूखा न सोयेगा , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द |

हर घर बन जाएगा आशियाँ , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द
संस्कारों के लगेगे मेले , तेरे आँगन में ए मेरे हिन्द ||

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