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4 Feb 2023 · 1 min read

चंदा की डोली उठी

वह जो कभी
मेरी होती थी
हो गई आज
बेगाने की
हालत है क्या
उससे बिछड़कर
मत पूछो
दीवाने की…
(१)
उससे मुझे
जो प्यार मिला
मेरे नग्मों का
मौज़ू था
एक जान हुआ
करती थी वही
मेरे हर
अफसाने की…
(२)
उसकी बदौलत
मेरे लिए
तनहाई भी
एक महफ़िल थी
अब तो जैसे
महफ़िल भी
एक अक्स हुई
वीराने की…
(३)
आया कहीं से
एक लूटेरा
ले गया
हुस्न की देवी को
रह गया पुजारी
लुट-पिट कर
रौनक ही गई
बुतखाने की…
(४)
किसी रकीब की
शबिस्तां में
शमा को
रोशन देखकर
एक बुझी हुई
राख-सी
सूरत हो गई
परवाने की…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
#कवि #love #romantic #प्रेम
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#कवि #गीतकार #शायर #दर्द
#जुदाई #डोली #शादी #विरह
#चंदा_की_डोली_उठी #तड़प

Language: Hindi
178 Views
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