Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jan 2024 · 1 min read

गूँगी गुड़िया …

गूँगी गुड़िया ….

कितनी प्रसन्न दिख रही हो
सुनहरे बाल
छोटी सी फ्रॉक
छोटे – पांवों में
लाल रंग की बैली
नटखट आँखें
नृत्य मुद्रा में फ़ैली दोनों बाहें
बिन बोले ही तुम
कितने सुंदर ढंग से
अपने भावों का
सम्प्रेषण कर रही हो

तुम पर
किसी मौसम का
कोई असर नहीं होता
सदैव मुस्कुराती हो
गुड़िया हो न !
शीशे की अलमारी में
बंद रह कर भी
सदा मुस्कुराती हो//

मैं भी बुल्कुल तुम्हारी तरह
अपने पापा के गुड़िया थी
हंसती थी , चिल्लाती थी
नटखट थी
थोड़ी ज़िद्दी भी थी
अपने पंखों से
आसमान छूना चाहती थी

क्या खबर थी
ये मेहँदी
मेरे हथेलियों की रेखाओं को
भाग्यहीन कर देगी
गृहस्थी के दायित्व
मेरे पंखों से
उनकी उड़ान छीन लेंगे
मेरी मुस्कराहट
हालात की गर्द में
खो जायेगी
जीवन की आपा -धापी में
एक जीवंत गुड़िया
दीवारों के शो केस में
जकड़ दी जाएगी//

तुम बेजान हो
बस इसीलिये मुस्कुराती हो
सदियों से तुम
गुड़िया कहलाती हो//

मैं बेजान सी हूँ

पाबंदियों में मुस्कुराती हूँ
आज ! हालात बदलते ही
अपने ही आँगन में
अंजानी सी आती हूँ
न चीखती हूँ न ज़िद्द करती हूँ
मैं बस गुड़िया से
गूंगी गुड़िया बन जाती हूँ//

सुशील सरना/22 – 1-24..
मौलिक एवं अप्रकाशित

60 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*मां तुम्हारे चरणों में जन्नत है*
*मां तुम्हारे चरणों में जन्नत है*
Krishna Manshi
परम्परा को मत छोडो
परम्परा को मत छोडो
Dinesh Kumar Gangwar
‘पितृ देवो भव’ कि स्मृति में दो शब्द.............
‘पितृ देवो भव’ कि स्मृति में दो शब्द.............
Awadhesh Kumar Singh
सागर तो बस प्यास में, पी गया सब तूफान।
सागर तो बस प्यास में, पी गया सब तूफान।
Suryakant Dwivedi
Dear  Black cat 🐱
Dear Black cat 🐱
Otteri Selvakumar
प्रेम मोहब्बत इश्क के नाते जग में देखा है बहुतेरे,
प्रेम मोहब्बत इश्क के नाते जग में देखा है बहुतेरे,
Anamika Tiwari 'annpurna '
दूसरों को खरी-खोटी सुनाने
दूसरों को खरी-खोटी सुनाने
Dr.Rashmi Mishra
बहुत अंदर तक जला देती हैं वो शिकायतें,
बहुत अंदर तक जला देती हैं वो शिकायतें,
शेखर सिंह
बेसबब हैं ऐशो इशरत के मकाँ
बेसबब हैं ऐशो इशरत के मकाँ
अरशद रसूल बदायूंनी
जिस्म का खून करे जो उस को तो क़ातिल कहते है
जिस्म का खून करे जो उस को तो क़ातिल कहते है
shabina. Naaz
कैसे गीत गाएं मल्हार
कैसे गीत गाएं मल्हार
Nanki Patre
*रामपुर के पाँच पुराने कवि*
*रामपुर के पाँच पुराने कवि*
Ravi Prakash
वह मुझे चाहता बहुत तो था
वह मुझे चाहता बहुत तो था
Shweta Soni
5) “पूनम का चाँद”
5) “पूनम का चाँद”
Sapna Arora
समान आचार संहिता
समान आचार संहिता
Bodhisatva kastooriya
23/167.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/167.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
ग़ज़ल (गुलों से ले आना महक तुम चुरा कर
ग़ज़ल (गुलों से ले आना महक तुम चुरा कर
डॉक्टर रागिनी
गुलदस्ता नहीं
गुलदस्ता नहीं
Mahendra Narayan
रमेशराज के 2 मुक्तक
रमेशराज के 2 मुक्तक
कवि रमेशराज
नारी का अस्तित्व
नारी का अस्तित्व
रेखा कापसे
एक ऐसा दृश्य जो दिल को दर्द से भर दे और आंखों को आंसुओं से।
एक ऐसा दृश्य जो दिल को दर्द से भर दे और आंखों को आंसुओं से।
Rekha khichi
महाकविः तुलसीदासः अवदत्, यशः, काव्यं, धनं च जीवने एव सार्थकं
महाकविः तुलसीदासः अवदत्, यशः, काव्यं, धनं च जीवने एव सार्थकं
AmanTv Editor In Chief
तोड़ा है तुमने मुझे
तोड़ा है तुमने मुझे
Madhuyanka Raj
एक मुस्कान के साथ फूल ले आते हो तुम,
एक मुस्कान के साथ फूल ले आते हो तुम,
Kanchan Alok Malu
हाथ में कलम और मन में ख्याल
हाथ में कलम और मन में ख्याल
Sonu sugandh
"मजदूर"
Dr. Kishan tandon kranti
मिला है जब से साथ तुम्हारा
मिला है जब से साथ तुम्हारा
Ram Krishan Rastogi
व्यावहारिक सत्य
व्यावहारिक सत्य
Shyam Sundar Subramanian
उधार और मानवीयता पर स्वानुभव से कुछ बात, जज्बात / DR. MUSAFIR BAITHA
उधार और मानवीयता पर स्वानुभव से कुछ बात, जज्बात / DR. MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
#शेर-
#शेर-
*प्रणय प्रभात*
Loading...