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25 May 2024 · 1 min read

गुज़ारिश है रब से,

गुज़ारिश है रब से,
कलम ना रूठे किसी की,
मुद्दतों से लिखते हैं,
आरजू जो दिल की,
कोई दरिया दिल का
डूबा हुआ देखा,
तो कोई हालात ए,
मजबूर भी देखा,
हो जाएं ख्बाव सबके पूरे,
खुदा तू काम ये करना,
सलामती रख मेरे दोस्तों की,
तू दुआ अमीन ये करना।

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