Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Nov 2022 · 1 min read

ग़ज़ल

ग़ज़ल

उनके दिल से उतरना बाकी है
यानी ग़म को निखरना बाक़ी है

दिल तो कब का वो तोड़ बैठे हैं
सिर्फ़ टुकड़े बिखरना बाक़ी है

रुक जा इक पल तू ऐ क़ज़ा मेरी
ज़िन्दगी को संवरना बाक़ी है

जल गईं दिल की हसरतें मेरी
अब तो बस आह भरना बाक़ी है

ज़िन्दगी मौत से जहाँ मिलती
ऐसी हद से गुज़रना बाक़ी है

होके रुसवा जहां में अब ख़ुद से
चाक़ दामन ये करना बाक़ी है

छा गई मौत सिर पे ऐ प्रीतम
दिल की धड़कन ठहरना बाक़ी है

प्रीतम श्रावस्तवी
श्रावस्ती (उ०प्र०)

Language: Hindi
159 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"चाणक्य"
*प्रणय प्रभात*
सम्मान नहीं मिलता
सम्मान नहीं मिलता
Dr fauzia Naseem shad
माँ
माँ
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अच्छा नहीं होता बे मतलब का जीना।
अच्छा नहीं होता बे मतलब का जीना।
Taj Mohammad
संवेदना की बाती
संवेदना की बाती
Ritu Asooja
बहुत सी बातें है, जो लड़के अपने घरवालों को स्पष्ट रूप से कभी
बहुत सी बातें है, जो लड़के अपने घरवालों को स्पष्ट रूप से कभी
पूर्वार्थ
"तब पता चलेगा"
Dr. Kishan tandon kranti
सुंदरता विचारों में सफर करती है,
सुंदरता विचारों में सफर करती है,
सिद्धार्थ गोरखपुरी
पेड़ से कौन बाते करता है ?
पेड़ से कौन बाते करता है ?
Buddha Prakash
*आओ मिलकर नया साल मनाएं*
*आओ मिलकर नया साल मनाएं*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
यही बस चाह है छोटी, मिले दो जून की रोटी।
यही बस चाह है छोटी, मिले दो जून की रोटी।
डॉ.सीमा अग्रवाल
स्वर्ण दलों से पुष्प की,
स्वर्ण दलों से पुष्प की,
sushil sarna
कई बार हमें वही लोग पसंद आते है,
कई बार हमें वही लोग पसंद आते है,
Ravi Betulwala
*तलवार है तुम्हारे हाथ में हे देवी माता (घनाक्षरी: सिंह विलो
*तलवार है तुम्हारे हाथ में हे देवी माता (घनाक्षरी: सिंह विलो
Ravi Prakash
द्वंद अनेकों पलते देखे (नवगीत)
द्वंद अनेकों पलते देखे (नवगीत)
Rakmish Sultanpuri
अंतर
अंतर
Dr. Mahesh Kumawat
कर गमलो से शोभित जिसका
कर गमलो से शोभित जिसका
प्रेमदास वसु सुरेखा
अछूत....
अछूत....
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
मैं तो महज जीवन हूँ
मैं तो महज जीवन हूँ
VINOD CHAUHAN
विकृतियों की गंध
विकृतियों की गंध
Kaushal Kishor Bhatt
52 बुद्धों का दिल
52 बुद्धों का दिल
Mr. Rajesh Lathwal Chirana
बरसात
बरसात
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
2661.*पूर्णिका*
2661.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
इश्क दर्द से हो गई है, वफ़ा की कोशिश जारी है,
इश्क दर्द से हो गई है, वफ़ा की कोशिश जारी है,
Pramila sultan
अरे! डॉक्टर की बीवी हो
अरे! डॉक्टर की बीवी हो
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
लौ
लौ
Dr. Seema Varma
लहसुन
लहसुन
आकाश महेशपुरी
आइन-ए-अल्फाज
आइन-ए-अल्फाज
AJAY AMITABH SUMAN
तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूं ये गजल बेदर्द,
तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूं ये गजल बेदर्द,
Sahil Ahmad
Loading...