Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Dec 2022 · 1 min read

मेरे दिल की धड़कनों को बढ़ाते हो किस लिए।

मेरे दिल की धड़कनों को बढ़ाते हो किस लिए।
चुपके-चुपके यादों में आते हो किस लिए।

तुमको पता है जिंदगी मुश्किल है तेरे बिन।
यादों की जो शमा है बुझाते हो किसलिए।

वादा किया था तुमने निभाओगे उम्र भर।
मुझसे नजर मिला के चुराते हो किसलिए।

सदियों की तरह लगते हैं लम्हे तुम्हारे बिन।
मुझको अकेला छोड़ कर जाते हो किस लिए।

आंखों में आंख डाल के देखो तो एक बार।
दिल में सगीर प्यार छुपाते हो किसलिए

Language: Hindi
2 Likes · 177 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हमेशा सही के साथ खड़े रहें,
हमेशा सही के साथ खड़े रहें,
नेताम आर सी
मॉडर्न किसान
मॉडर्न किसान
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कभी-कभी हम निःशब्द हो जाते हैं
कभी-कभी हम निःशब्द हो जाते हैं
Harminder Kaur
रक्षाबंधन
रक्षाबंधन
Sanjay ' शून्य'
क़यामत
क़यामत
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
सुप्रभातम
सुप्रभातम
Ravi Ghayal
🙅नया मुहावरा🙅
🙅नया मुहावरा🙅
*प्रणय प्रभात*
2829. *पूर्णिका*
2829. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
खोते जा रहे हैं ।
खोते जा रहे हैं ।
Dr.sima
धर्म के नाम पे लोग यहां
धर्म के नाम पे लोग यहां
Mahesh Tiwari 'Ayan'
कान्हा घनाक्षरी
कान्हा घनाक्षरी
Suryakant Dwivedi
मातृभाषा हिन्दी
मातृभाषा हिन्दी
ऋचा पाठक पंत
मैं अपनी सेहत और तरक्की का राज तुमसे कहता हूं
मैं अपनी सेहत और तरक्की का राज तुमसे कहता हूं
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
मैं अपना जीवन
मैं अपना जीवन
Swami Ganganiya
कोई पागल हो गया,
कोई पागल हो गया,
sushil sarna
हम जंग में कुछ ऐसा उतरे
हम जंग में कुछ ऐसा उतरे
Ankita Patel
तिलक-विआह के तेलउँस खाना
तिलक-विआह के तेलउँस खाना
आकाश महेशपुरी
फिर क्यों मुझे🙇🤷 लालसा स्वर्ग की रहे?🙅🧘
फिर क्यों मुझे🙇🤷 लालसा स्वर्ग की रहे?🙅🧘
डॉ० रोहित कौशिक
हमको तेरा ख़्याल
हमको तेरा ख़्याल
Dr fauzia Naseem shad
प्यार चाहा था पा लिया मैंने।
प्यार चाहा था पा लिया मैंने।
सत्य कुमार प्रेमी
पगली
पगली
Kanchan Khanna
*अपवित्रता का दाग (मुक्तक)*
*अपवित्रता का दाग (मुक्तक)*
Rambali Mishra
अच्छा स्वस्थ स्वच्छ विचार ही आपको आत्मनिर्भर बनाते है।
अच्छा स्वस्थ स्वच्छ विचार ही आपको आत्मनिर्भर बनाते है।
Rj Anand Prajapati
हर एक चोट को दिल में संभाल रखा है ।
हर एक चोट को दिल में संभाल रखा है ।
Phool gufran
लोगों के रिश्मतों में अक्सर
लोगों के रिश्मतों में अक्सर "मतलब" का वजन बहुत ज्यादा होता
Jogendar singh
जिंदगी हमने जी कब,
जिंदगी हमने जी कब,
Umender kumar
वाह भई वाह,,,
वाह भई वाह,,,
Lakhan Yadav
लगा चोट गहरा
लगा चोट गहरा
Basant Bhagawan Roy
हम तुम्हारे साथ हैं
हम तुम्हारे साथ हैं
विक्रम कुमार
🙏🙏
🙏🙏
Neelam Sharma
Loading...